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अधिकारियों की कार्यशैली पर भड़के मजदूर

Fri, 31 Jan 2014 01:17 AM IST
करनाल
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मजदूरी देने और मनरेगा के तहत हो रही अनियमितताओं को दूर करने की मांग करते हुए मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगाें से अवगत कराया।
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 जबकि लघु सचिवालय पर नारेबाजी करने से पहले मनरेगा मजदूर बीडीपीओ कार्यालय पर भी गरजे। बीडीपीओ कार्यालय पर मजदूरों ने अधिकारियों की कार्यशैली पर विरोध करते हुए नारेबाजी की। इससे पहले मनरेगा मजदूर यूनियन के बैनर तले मजदूरों ने नगर में रोष प्रदर्शन किया।


बीडीपीओ कार्यालय में प्रदर्शन करने के बाद मजदूरों ने लघु सचिवालय की ओर रुख किया। लघु सचिवालय पहुंचकर मजदूरों ने जिला प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और अधिकारियों को अपनी मांगाें से संबंधित ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गांव बारना में मनरेगा के तहत किए गए काम की मजदूरी करीब तीन महीने से नहीं मिला है। 29 सितंबर 2013 से 15 अक्तूबर 2013 तक गांव में मिट्टी खुदाई का कार्य हुआ था और सड़क सफाई का कार्य 10 अक्तूबर  2013 से 17 अक्तूबर 2013 तक चला।
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 इसके अलावा 25 नवंबर 2013 से 6 दिसंबर 2013 तक पबनावा माईनर की सफाई हुई। लेकिन एबीपीओ मनोज की लापरवाही के चलते  कार्य दिवस ई-मास्टररोल बनाने में अनियमितता बरती गई। मिट्टी खुदाई कार्य 4 अक्तूबर 2013 से 18 अक्तूबर 2013, 22 अक्तूबर 2013 से 30 अक्तूबर 2013 तक सड़क सफाई कार्य और पबनावा माइनर सफाई का ई मास्टररोल 2 दिसंबर 2013 से 17 दिसंबर 2013 तक का तैयार किया गया।

वास्तव में 7 से 12 दिन बाद मास्टररोल बनाया गया। ज्ञापन में काम के दौरान किसी मजदूर के साथ दुर्घटना होने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रदर्शनकारियों ने काम के दौरान हाजिरी लगाने के प्रावधान को लागू करने की मांग भी की। मजदूरों ने मजदूरी मिलने में हो रही देरी में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मनरेगा एक्ट के अनुसार कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन से समस्याओं के समाधान की गुहार भी लगाई। प्रदर्शन में भारी संख्या में महिलाएं भी शामिल रहीं।
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