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कैमला में बवाल के बाद एक हजार लोगों पर एफआईआर दर्ज

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गांव कैमला में सीएम के कार्यक्रम स्थल पर हुए बवाल के बाद पुलिस ने एक हजार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी समेत 71 लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी से पहले जांच पड़ताल की जा रही है। इसके लिए घटनास्थल पर बनाई गई वीडियो फुटेज और फोटोग्राफ की भी मदद ली जा रही है। दूसरी ओर घटना के संबंध में सोमवार को डीजीपी मनोज यादव ने मधुबन में पुलिस अफसरों संग बैठक की। इस दौरान अधिकारियों ने उन्हें अब तक हुई कार्रवाई और जांच के संबंध में रिपोर्ट दी है।
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कैमला में रविवार को आयोजित किसानों की महापंचायत में आंदोलनकारी किसानों ने तोड़फोड़ और हंगामा किया था, जिसके बाद सीएम का हेलीकाप्टर भी लैंड नहीं हो सका और उन्हें वापस जाना पड़ा था। पुलिस के सुरक्षाचक्र को ध्वस्त करते हुए किसान आंदोलनकारी न सिर्फ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे बल्कि पूरा स्टेज और टेंट क्षतिग्रस्त कर दिया। कुर्सियां भी उठाकर फेंक दी गई। स्थिति यह हुई कि भाजपा ने प्रदेश अध्यक्ष और कई मंत्रियों को बचाव के लिए पास के धर्मस्थल में शरण लेनी पड़ी। सीएम का कार्यक्रम नहीं होने के बाद मामले में पुलिस और प्रशासन के साथ ही खुफिया एजेंसियों की भी किरकिरी हुई है।
घटना के बाद पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा डालने, तोड़फोड़ करने, सरकारी प्रॉपर्टी को नुकसान पहुंचाने, पत्थरों से पुलिस कर्मियों पर हमला करने व चोट पहुंचाने, साजिश के तहत घटना को अंजाम देने सहित 109, 120बी, 147, 149,186,332, 353, 427 धाराओं में केस दर्ज किया है।
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एफआईआर में भाकियू प्रदेश अध्यक्ष गुुरनाम सिंह चढ़ूनी सहित करनाल जिला अध्यक्ष अजय राणा, घरौंडा जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, तीन महिलायें व एक सरपंच का नाम भी शामिल हैं। मामले में गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की ओर से प्रयास किये जा रहे हैं। इसके तहत पुलिस की ओर से कई व्हाटसअप ग्रुप में मैसेज भी डाला गया है कि घटनास्थल की वीडियो और फोटो भेजी जाये। फिलहाल पुलिस द्वारा इस मामले में कोई भी आरोपी गिरफ्तार नहीं किया गया है।
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