गांव कालरम के पंच सुभाष चौहान की हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तार की मांग पर वीरवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों और सुभाष के परिजनों ने लघु सचिवालय पर प्रदर्शन किया।
सुभाष की पत्नी नीलम ने पुलिस को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि दो दिन में उसके पति के हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो वह लघु सचिवालय में आत्मदाह कर लेगी। उसकी मौत की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी। हालांकि इस मामले में पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है।
लेकिन परिजनों का कहना है कि एक व्यक्ति सुभाष की हत्या नहीं कर सकता है। इसमें और भी लोग शामिल हैं। उधर, प्रदर्शन के दौरान गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन पर मामले में ढिलाई बरतने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस जानबूझकर जांच में देरी कर रही है। परिवारवालों ने एसपी से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगाई।
प्रदर्शन कर रहे सुभाष के बड़े भाई पवन, एडवोकेट जेपी शेखपुरा, प्रदीप मराठा, सोमी राणा, राजपाल, ईशम सिंह, यशपाल सिंह, भोपाल, जनक सिंह, धर्म सिंह, यशविंद्र राणा, बबली और कृष्ण प्रजापत ने कहा कि तीन दिन पहले कालरम निवासी सुभाष चौहान को टपराना गांव में भगवान दास के परिवार ने फोन करके बुलाया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि रात को कोई नशीला पदार्थ खिलाकर बड़ी बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद भगवान दास की पत्नी ने फोन करके कालरम गांव में सूचना दी। सूचना मिलने के बाद सुभाष चौहान के परिजन रात को ही टपराना गांव पहुंचे। वहां पर पहले से ही पुलिस मौजूद थी। पुलिस को वहां के सरपंच ने बुलाया था।
ये है मामला
गौरतलब है कि पैसे के लेनदेन में कालरम वासी सुभाष की गांव टपराना में हत्या कर दी गई थी। सुभाष के भाई पवन व अन्य परिजनों का आरोप है कि सुभाष की आरोपी भगवानदास अकेला हत्या नहीं कर सकता है, क्योंकि सुभाष हट्टा-कट्टा था।
मामले आरोपी भगवान दास और उसके रिश्तेदारों का हाथ है। उनका आरोप है कि आरोपी भगवान दास ने अपनी लड़की की शादी में सुभाष चौहान से दो लाख रुपये उधार लिए थे। पिछले कुछ समय से सुभाष अपने पैसे वापस मांग रहा था और उन्हीं पैसों को देने के लिए भगवान दास ने उसको बुलाया था, लेकिन उसे गांव बुलाकर उसकी हत्या कर दी।