घरौंडा के गांव चौरा में शिवम आत्महत्या मामले में गांव के सरपंच राजेंद्र को हिरासत में लेने से घरौंडा सरपंच एसोसिएशन का गुस्सा फुट पड़ा और उन्होंने खंड विकास पंचायत अधिकारी कार्यालय में विरोध का बिगुल फूंक दिया।
एसोसिएशन के सभी प्रतिनिधि आमरण अनशन पर बैठ गए हैं। घरौंडा ब्लॉक के 52 गांवों के सरपंचों ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम इस्तीफा भेजकर रोष जताया है। सरपंचों ने प्रदेश सरकार व पुलिस विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
सरपंच एसोसिएशन ने चेताया कि जब तक पुलिस प्रशासन सरपंच को रिहा नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा। गांव चौरा में नवंबर माह में कुछ युवकों का आपसी विवाद हो गया था, इस मामले में गांव के सरपंच राजेंद्र की देखरेख में एक पंचायत बुलाई गई थी।
इस मामले में रामपाल का बेटा शिवम भी संलिप्त था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि पंचायत में शिवम को प्रताड़ित किया गया था, जिसके चलते शिवम ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक शिवम के परिजनों ने गांव के सरपंच के खिलाफ कार्रवाई करने व उनको सस्पेंड करने की मांग पर थाने का घेराव किया था।
परिजनों ने मांग की थी कि जांच अधिकारी डीएसपी सुनील कुमार से जांच का जिम्मा बदलकर किसी अन्य डीएसपी को दिया जाए। जिला पुलिस अधीक्षक शशांक आनंद ने जांच की जिम्मेदारी कैथल में तैनात डीएसपी सुरेंद्र भौरिया को सौंप दी थी। वीरवार को विश्राम गृह में डीएसपी सुरेंद्र भौरिया ने पीड़ित पक्ष के बयान दर्ज किए थे और परिजनों ने सरपंच के खिलाफ एक सीडी भी सौंपी थी।
डीएसपी भौरिया ने सीडी के आधार पर सरपंच को शनिवार को हिरासत में ले लिया था। सरपंच के हिरासत में होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में तनाव पैदा हो गया और पूरा गांव व घरौंडा सरपंच एसोसिएशन के सदस्य एसपी के निवास स्थान पर करनाल पहुंचे और सरपंच को रिहा करने की मांग की लेकिन प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर ग्रामीणों ने करनाल में धरना शुरू कर दिया।
वहीं, सरपंच एसोसिएशन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह राणा के नेतृत्व में धरना शुरू कर दिया। ब्लॉक की सभी 52 पंचायतों के सरपंचों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को फैक्स से भेज दिया है।
सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह राणा व महासचिव रमेश वर्मा ने कहा कि गांव चौरा के सरपंच राजेंद्र खुराना बिल्कुल निर्दोष हैं। शिवम आत्महत्या मामले में पुलिस ने कई बार जांच भी की है लेकिन सभी जांचों में सरपंच निर्दोष पाए गए हैं।
अध्यक्ष का कहना है कि शनिवार को जांच के मामले कुछ पूछताछ करने के लिए सरपंच को डीएसपी सुरेंद्र भौरिया ने कैथल में बुलाया था, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया। सरपंच राजेंद्र सिंह की रिहाई के लिए पुलिस अधीक्षक से सरपंच एसोसिएशन मिली थी लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया, इसके विरोध में पूरी एसोसिएशन ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी कार्यालय में आमरण अनशन शुरू कर दिया है और पूरी एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को फैक्स के माध्यम से इस्तीफा भेज दिया है।
उन्होंने कहा कि जब तक सरपंच की रिहाई नहीं होती तब तक अनशन जारी रहेगा। बसताड़ा के सरपंच राजेंद्र सिंह ने कहा कि गांव चौरा के सरपंच को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत फंसाया गया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर सरकार ने सरपंच को शीघ्र रिहा नहीं किया तो आगामी चुनाव में कांग्रेस का बहिष्कार किया जाएगा।
गिरफ्तारी के विरोध में घेरा एसपी निवास
चौरा के युवक शिवम की आत्महत्या के मामले में सरपंच राजेंद्र खुराना की गिरफ्तारी के विरोध में ग्रामीणों ने एसपी शशांक आनंद के निवास का घेराव किया।
करीब सात घंटे तक सैकड़ों महिलाएं व पुरुष ठंडी सड़क स्थित एसपी निवास पर जमे रहे और पुलिस व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस सड़क को पुलिस ने बंद कर दिया, जिसके चलते शहर के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसपी ग्रामीणों को कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
ग्रामीण सरपंच राजेंद्र सिंह की रिहाई की मांग कर रहे थे। दोपहर बाद ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से न्यायपुरी कॉलोनी में मुलाकात कर मामले की शिकायत की। मुख्यमंत्री यहां एसएस बोर्ड के पूर्व सदस्य रघुबीर सिंह विर्क के निधन पर शोक प्रकट करने पहुंचे थे।
मुख्यमंत्री ने ग्रामीणों को इस मामले में किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि इस मामले की पूरी जांच की जाएगी। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद ग्रामीण गांव चौरा लौट गए। दूसरी तरफ गिरफ्तारी के बाद सरपंच राजेंद्र खुराना को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
ग्रामीण मनोज खुराना, राजकुमार शर्मा, रणधीर शर्मा, संत लाल, मास्टर इंद्रजीत, मुकेश खुराना, सुभाष खुराना, दिल्लू राम सहित अन्य ने बताया कि सरपंच राजेंद्र सिंह को युवक शिवम की आत्महत्या के मामले में नाजायज फंसाया जा रहा है। यह एक राजनीतिक षड्यंत्र है, जिसे पुलिस के जरिए अंजाम दिया जा रहा है।
पंचायत में सरपंच ने ऐसा कुछ भी नहीं किया था कि उसे हिरासत में लेकर यूं प्रताड़ित किया जाए। यह पुलिस की ज्यादती का नतीजा है और तानाशाही है। ग्रामीणाें ने कहा कि जब तक सरपंच राजेंद्र का रिहा नहीं किया जाता, तब तक वे यहां से नहीं उठेंगे।
ग्रामीणों ने ठंडी सड़क को जाम कर दिया और बीचाेंबीच बैठ गए। एसपी शशांक आनंद प्रदर्शनकारियों से मिलने आए और आश्वासन देकर अंदर चले गए।
प्रदर्शन में शामिल अन्ना समर्थक जेपी शेखपुरा ने कहा कि पुलिस की ज्यादती के खिलाफ लोगों को आवाज उठानी होगी। अब समय बदलाव का है। भ्रष्टाचार और अत्याचार के खिलाफ लोगों को लामंबद होना होगा।
तैनात रहा भारी पुलिस बल
इस दौरान एसपी निवास पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। एसपी निवास के दोनों गेटाें पर महिला व पुरुष कर्मी तैनात रहे ताकि कोई भी प्रदर्शनकारी अंदर प्रवेश न कर सके और कोई अप्रिय घटना न हो।
इस दौरान ठंडी सड़क की ओर जाने वाले हर मोड़ व रोड पर पुलिस ने नाके लगा रखे थे।
मामले की जांच जारी
इस मामले में पूरी जांच की जा रही है। सरपंच राजेंद्र खुराना को गिरफ्तार किया गया है।
उन्हें अदालत में पेश कर दिया गया है, जहां से उन्हें 10 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
-सुरेंद्र भौरिया, डीएसपी एवं जांच अधिकारी