करनाल में चंडीगढ़ से बांद्रा जाने वाली ट्रेन अब 15 दिसंबर से रुकेगी। इसके लिए शहर के लोगों ने रेल मंत्री मल्लिका अर्जुन खड़गे, रेल राज्य मंत्री अधीर रंजन चौधरी, सांसद डॉ. अरविंद शर्मा और रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य सतिंद्र गांधी का आभार प्रकट किया है।
इस ट्रेन के रुकने से अब करनाल से रेवाड़ी, नारनौल, राजस्थान में नीम का थाना, रिंगस, अजमेर, मारवाड़, अब्बू रोड, अहमदाबाद के रास्ते मुंबई जाने वाले लोगों को राहत मिल सकेगी। यह ट्रेन करनाल में पहली बार 15 दिसंबर को चंडीगढ़ से मुंबई जाने के समय सुबह 7:35 मिनट पर रुकेगी। चंडीगढ़ से मुंबई जाने के लिए करनाल में ट्रेन बुधवार और रविवार को ठहरेगी।
मुंबई से वापस आते हुए ट्रेन करनाल में मंगलवार और शुक्रवार को वापस आएगी। सुरेश कुमार, जोगीराम, सतपाल, अजीत सिंह, रणधीर व कई सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों ने गणमान्यों का आभार जताया है।
औद्योगिक नगरी तरावड़ी में नहीं रुकतीं लंबी दूरी की ट्रेनें
औद्योगिक नगरी तरावड़ी से जहां हर साल 5000 करोड़ रुपये का चावल विदेशों में निर्यात होता है, वहीं, रेलवे की ओर से शहर में लंबी दूरी की गाड़ियों का ठहराव नहीं होने के कारण औद्योगिक नगरी आज भी उपेक्षित है।
शहर का व्यापारी वर्ग व आम नागरिक लंबे समय से तरावड़ी में एकता एक्सप्रेस व बठिंडा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग कर रहे हैं लेकिन फरियाद सुनने वाला कोई नहीं। दूसरी ओर, स्थिति यह है कि सुबह आठ से दोपहर एक बजे तक दिल्ली जाने के लिए कोई ट्रेन नहीं है और सुबह साढे़ ग्यारह बजे से शाम पौने सात बजे तक अंबाला की ओर जाने वाली कोई ट्रेन नहीं है।
इसके चलते लोगों को मजबूरन बस यात्रा करनी पड़ती है, जो परेशानी भरी होने के साथ-साथ मंहगी भी पड़ती है। उद्योगपति मनीष गुप्ता, पंकज गोयल, गौरव गर्ग, राकेश गुप्ता, भारत चौधरी, सुमन शर्मा, आशीष बंसल व मनोज गुप्ता का कहना है कि यदि रेलवे तरावड़ी में कुछ लंबी दूरी की गाड़ियों का ठहराव किया जाए तो शहर में व्यापार और बढ़ सकता है क्योंकि कई विदेशी और दूर से आने वाले व्यापारियों के लिए शहर में पहुंचना परेशानी भरा रहता है।
शहर के नागरिक सतबीर सिंह, रोहित सिंगला, प्रेम चंद, रमेश कुमार, सुभाष चंद, मनीष कुमार का कहना है कि शहर के लोगों को यदि दिन के समय दिल्ली या चंडीगढ़ जाना पड़े तो कोई ट्रेन नहीं है और इस परेशानी को वे लोग रेलवे राज्यमंत्री अधीर रंजन चौधरी के सामने रख चुके हैं।
सांसद अरविंद शर्मा की उपस्थिति में रेल राज्यमंत्री ने जल्द ही लंबी दूरी की ट्रेन रुकवाने की बात कही थी लेकिन पांच माह गुजर जाने के बाद भी उनकी मांग पर गौर नहीं करके कांग्रेस के नेताओं ने पूरे शहर को निराश किया है और शहर के लोगों में इस बात के लिए भारी गुस्सा है और चुनाव के समय में भी यह मामला उठ सकता है, जिसका खामियाजा कांग्रेस को उठाना पड़ सकता है।
जल्द होगी मांग पूरी
सांसद अरविंद शर्मा ने बताया कि कि वे स्वयं दो दिन पहले ही रेल मंत्रालय जाकर रेल मंत्री से शहर के लोगों की इस मांग को उठा चुके हैं। उन्हें पूरी उम्मीद है कि अगले सप्ताह तक सुखद परिणाम आने की उम्मीद है। जल्द ही समस्या का समाधान होगा।