असंध में हैफेड के चेयरमैन कैप्टन चतर सिंह ने बुधवार को असंध के फफड़ाना स्थित हैफेड चीनी मिल के पेराई सत्र की विधिवत शुरुआत की। कैप्टन चतर सिंह ने आए हुए गन्ना उत्पादकों को आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए हैफे ड हमेशा तत्पर रहेगा।
सत्र की शुरुआत के समय हैफेड के एमडी अशोक यादव, उपायुक्त करनाल विकास यादव, एसडीएम असंध व चीनी मिल के एमडी विक्रम मलिक उपस्थित रहे। कैप्टन ने कहा कि हैफेड चीनी मिल असंध किसानों को उनके गन्ने का भुगतान निर्धारित 24 घंटे के अंदर करेगा और भुगतान की राशि किसानों के खाते में चीनी मिल परिसर में ही खोले गए एचडीएफसी बैंक की शाखा में जमा करा दी जाएगी।
चेयरमैन ने बुधवार को ही इस बैंक की शाखा का भी उद्घाटन किया। उन्होंने किसानों को कहा कि गन्ना लाओ, पेमेंट पाओ। चेयरमैन का कहना था कि यह सुविधा उपलब्ध कराने से हैफेड चीनी मिल असंध न केवल हरियाणा प्रदेश, बल्कि देश की ऐसी पहली चीनी मिल हो गई है।
चेयरमैन ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ हैं। मिल की तरक्की और इसका कार्य करना सारा किसानों पर ही निर्भर है। किसान हमारे है और हम किसानों के। मिल को चलाने के लिए अधिक से अधिक गन्ने की आवश्यकता होती है। गन्ने के अधीन क्षेत्र को बढ़ाने के लिए हैफेड किसानों को, बीज व दवाइयाें पर सब्सिडी देकर प्रोत्साहित करती रहेगी।
हैफेड के प्रबंध निदेशक अशोक कुमार यादव ने बताया कि हैफेड चीनी मिल असंध में गन्ना फसल का क्षेत्र, जो वर्ष 2008-09 में केवल 2 हजार एकड़ था, अब बढ़कर 14600 एकड़ हो गया है। गत वर्ष इस मिल में 30 लाख 43 हजार क्विंटल गन्ने की पेराई हुई थी और गन्ने में से चीनी की रिकवरी 9.90 प्रतिशत थी। इस वर्ष गन्ना पिराई का लक्ष्य 32 लाख क्विंटल व रिकवरी का लक्ष्य 10 प्रतिशत रखा गया है।
हैफेड का लक्ष्य है कि वर्ष 2014-15 दौरान इस चीनी मिल का क्षेत्रफल 18 हजार एकड़ व गन्ना विकास योजना पर 857 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इस राशि में से लगभग 138 लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में किसानों को दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त इसी सत्र में, गन्ने की अगेती किस्म की बिजाई पर एक हजार रुपये प्रति एकड़ अनुदान का प्रावधान भी रखा गया है लेकिन इसके लिए किसान को कम से कम 200 क्विंटल गन्ना मिल में सप्लाई करना पड़ेगा।
किसानों की सुविधा के लिए उन्हें कम मूल्यों पर आईकेएसएल कंपनी के सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए हैं। इससे किसानों को एसएमएस के जरिए पर्ची व कैलेंडरिंग की जानकारी उपलब्ध करवाई जा रही है। इससे पूर्व चेयरमैन कैप्टन चतर सिंह ने मिल में सबसे पहले गन्ना लाने वाले तीन किसानों व कुछ प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया।