- कल तक की जाएगी दस्तावेजों की जांच, विभिन्न ट्रेडों में अब तक 300 छात्रों ने लिया दाखिला
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) में प्रवेश के लिए दूसरी मेधा सूची जारी हो गई है। अब दाखिले के लिए 14 जुलाई तक दस्तावेजों की जांच होगी और 15 जुलाई तक फीस जमा हो सकेगी। आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में अभी तक 300 छात्रों ने भाग लिया है। यदि इसके बाद कोई छात्र दाखिले के लिए आता है तो लड़कों को 500 रुपये व लड़कियों को 250 रुपये लेट फीस के साथ दाखिला लेना होगा। जिन विद्यार्थियों का दूसरी मेधा सूची में नाम आया है वह 15 जुलाई तक फीस जमा कर दाखिला ले सकते हैं।
वहीं, इससे पहले 11 से 14 जुलाई तक संबंधित दस्तावेजों की जांच की जाएगी। दूसरी सूची के तहत जिन विद्यार्थियों का बाबू मूलचंद जैन आईटीआई की संबंधित ट्रेड में नाम आया था उनमें से अभी तक 295 सीटों पर विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है। जिले की राजकीय आईटीआई में 4492 सीट हैं। वहीं, शहर की आईटीआई में 1916 सीटें हैं। अगली मेधा सूची 22 जुलाई को जारी की जाएगी। जिले की आईटीआई में प्रवेश प्रक्रिया के लिए सदस्यों की पांच कमेटियां बनाई गई हैं। विद्यार्थी फीस जमा करवाने के लिए गुगल पे-एटीएम के माध्यम से फीस जमा की जा सकती है।
आईटीआई में सीटों का विवरण-
आईटीआई नई सीटों की संख्या
करनाल
1916
महिला करनाल
388
जयसिंहपुरा असंध 288
बल्ला
372
निसिंग
700
तरावड़ी
148
घरौंडा,बसताड़ा
376
जांबा
112
चोरपुरा इंद्री 192
कुल सीट- 4492
आईटीआई में दाखिले की प्रक्रिया-
-14 जुलाई तक आईटीआई स्तर पर दस्तावेज सत्यापित होंगे।
-15 जुलाई तक फीस जमा होगी और सीट आवंटित की जाएगी।
-16 जुलाई को शेष रिक्त सीटों का विवरण जारी होगा।
-16 से 19 जुलाई तक विकल्प दोबारा भरने के लिए पोर्टल खुलेगा।
- 22 जुलाई को तीसरी मेरिट सूची एवं सीट आवंटित होंगी।
- 22 से 26 जुलाई तक आईटीआई स्तर पर दस्तावेज सत्यापित होंगे।
- 27 जुलाई तक फीस जमा होगी और सीट आवंटित की जाएगी।
आईटीआई में दाखिले के लिए दूसरी मेधा सूची जारी हो गई है। विद्यार्थी 15 जुलाई तक फीस जमा करवा प्रवेश ले सकेंगे। वहीं, संस्थान में ऑनलाइन फीस कराने का प्रावधान भी है। बाबू मूलचंद जैन औद्योगिक संस्थान की ओर से 14 जुलाई को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें कई नामी प्राइवेट कंपनियां युवाओं को रोजगार देने का काम करेगी। इसके लिए युवाओं के साक्षात्कार लिए जाएंगे।
- राकेश भाटिया, प्रिंसिपल, आईटीआई