माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कहीं रात में दुकान पर चोरी न हो जाए, इसी डर के कारण सराफ कारीगर आदिक यशवंत पाटिल और उनका साला बबन माने डेढ़ किलोग्राम सोना और 15 लाख रुपये नकद अपनी दुकान में नहीं छोड़कर गए थे। वे शनिवार को इसे अपने साथ घर ले जा रहे थे कि रास्ते में लूट की वारदात हो गई। नकाबपोश दो बदमाशों ने उन पर हमला करके सवा दो करोड़ रुपये (2.10 करोड़ रुपये का डेढ़ किलो सोना और 15 लाख नकद) की लूट की।
बबन माने ने बताया कि उनकी सराफा बाजार में एक शोरूम की छत पर छोटी सी दुकान है। किराये के इस कमरे की छत भी कच्ची है और दरवाजे भी पुरानी लकड़ी के लगे हुए हैं। यहां करीब 20 साल भट्टी पर सोने को पिघलाने का वे काम करते थे। इस कमरे की हालत और आस-पास के शोरूमों के साथ जुड़े होने के कारण वे यहां पर सोना नहीं छोड़कर गए। उन्होंने बताया कि शनिवार को उनके पास काम ज्यादा था, इसलिए रात को वे सराफ कारोबारियों को उनका सोना और रकम लौटा नहीं पाए, इसलिए वे घर लेकर जा रहे थे। शनिवार की रात को सेक्टर-16 स्थित सामुदायिक केंद्र के नजदीक स्कूटी पर दोनों कारीगरों पर दो बदमाशों ने हमला किया था। लोहे की रॉड से चोट लगने के कारण आदिक यशवंत पाटिल का चंडीगढ़ के अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि बबन माने के हाथ में गहरी चोट आई है। ब्यूरो
अंदर और बाहर लगे हैं सीसीटीवी
महज डेढ़ फुट चौड़ी सीढ़ी से तीसरी मंजिल तक जाने का रास्ता है। इस पर भी दो जगह और कमरे में बनी दुकान और आगे खुले बरामदे में भी सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। करीब 20 वर्षों से आदिक यशवंत पाटिल यहां पर काम कर रहे हैं। फिर भी उन्हें हालात और बढ़ते अपराध के कारण चोरी की वारदात का डर था। बबन माने ने बताया कि छह साल से अपने जीजा के साथ इस काम में जुड़े हैं और परिवार समेत कुल छह लोग यहां काम करते हैं।
कारोबारी और कर्मचारियों के अलावा नहीं कोई आता
बबन माने ने बताया कि उनके पास केवल सराफा कारोबारी और उनके कर्मचारी ही सोना देने या लेने के लिए आते हैं। इसके अलावा आमजन या किसी अन्य व्यक्ति का उनके पास कोई काम नहीं है। इसलिए उन्हें किसी अन्य व्यक्ति पर शक भी नहीं जताया है। सोना पिघलाने का काम भी केवल उनके परिवार और रिश्तेदारी के लोग ही उनके साथ करते हैं। उनका किसी से कोई झगड़ा भी नहीं है। उन्होंने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।