भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण दो दिसंबर से अपने सभी टोल प्लाजा पर फास्ट टैग सुविधा अनिवार्य करने जा रहा है। अब नेशनल हाईवे पर रोजाना वाहन दौड़ने के लिए पहली दिसंबर से पहले फास्ट टैग बनवाना जरूरी होगा। इस नई व्यवस्था में एक तरफ की महज एक लेन को छोड़कर सभी लेन को पूरी तरह से फास्ट टैग किया जाएगा। ऐसे में यदि बिना फास्ट टैग कार्ड के फास्ट टैग लेन से वाहन निकाला, तो डबल जुर्माना देना पड़ सकता है। वहीं भीड़ के कारण कैश टोल की सिंगल लेन से निकलने के लिए भारी इंतजार करना पड़ेगा। बसताड़ा टोल प्लाजा पर प्रति मिनट औसतन 300 से ज्यादा वाहन निकलते हैं।
23 में से अभी थी सिर्फ दो लेन पूरी तरह से फास्ट टैग
बसताड़ा टोल प्लाजा पर कुल 23 लेन हैं। इनमें 13 लेन चंडीगढ़ की तरफ जाने के लिए तो 10 लेन दिल्ली की तरफ जाने के लिए हैं। इनमें महज दो लेन ही पूरी तरह से अब तक फास्ट टैग रही हैं। हालांकि अन्य लेन पर भी यह सुविधा थी, लेकिन भीड़ के कारण फास्ट टैग लगे वाहन को भी इंतजार करना पड़ता था। अब सभी लेन सिर्फ फास्ट टैग होने के बाद दोनों तरफ महज एक-एक लेन पर ही कैश टोल लिया जाएगा।
हर वाहन पर फास्ट टैग लगे तो कंट्रोल होगा टोल एरिया में प्रदूषण लेवल
टोल प्लाजा पर भीड़ के कारण टोल बैरियर से गुजरने वालों को अनावश्यक रूप से देरी व जाम का सामना करना पड़ता है। रोड सेफ्टी विशेषज्ञों का कहना है कि इस कारण वाहनों के चालू रहने की स्थिति में टोल क्षेत्र में प्रदूषण लेवल भी ज्यादा होता है और चंडीगढ़ से दिल्ली तक जाने वाले वाहन को हर टोल पर रुकने से भीड़ के कारण काफी समय भी खराब होता है। इस नई व्यवस्था में यदि हर वाहन पर फास्ट टैग लगेगा, तो इससे इस समस्या से छुटकारा मिलेगा।
ऐसे बनवा सकते हैं फास्ट टैग
फास्ट टैग के लिए टोल प्लाजा के साथ ही काउंटर बनाए गए हैं, वाहन चालक आरसी, आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी के साथ दो फोटो देकर फास्ट टैग बनवा सकता है। मात्र 5 मिनट की अवधि में ही इस फैसिलिटी को एक्टीवेट करवा सकते हैं और तुरंत प्रभाव से आपके वाहन पर चिप लगा दी जाएगी। फैसिलिटी को जारी रखने के लिए आप मोबाइल से इसे रिचार्ज भी कर सकते हैं।
लोगों का टोल पर लगने वाले जाम से समय व्यर्थ न हो, इसलिए एनएचएआई की ओर से फास्ट टैग व्यवस्था को सभी टोल प्लाजा पर दो दिसंबर से पूरी तरह से लागू किया जा रहा है। वाहन चालक फास्ट टैग कार्ड जल्दी बनवा लें, ताकि उन्हें बाद में परेशानी न हो। -आदित्य राणा, इंजीनियर, एनएचएआई।