करनाल। कॉमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत अब सीधे तौर पर शहर के छोटे कारोबारियों और कामगारों की रोजी-रोटी पर असर डालने लगी है। हालात ये हैं कि किसी की फास्ट फूड की दुकान बंद हो चुकी है तो किसी का ढाबा बंद होने की कगार पर आ गया है। गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण हलवाइयों, ढाबा संचालकों और फास्ट फूड विक्रेताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
शहर के विभिन्न बाजारों और सड़कों पर चलने वाली कई छोटी फास्ट फूड दुकानें गैस खत्म होने के कारण बंद पड़ी हैं। वहीं कई ढाबा संचालकों का कहना है कि उनके पास अब केवल एक से दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। अगर जल्द ही सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उन्हें भी दुकानें बंद करनी पड़ सकती हैं।
विज्ञापन
सदर बाजार में फास्ट फूड की दुकान चलाने वाले संजय ने बताया कि गैस कहीं मिल नहीं रही है। इसकी वजह से उनकी दुकान बंद हो चुकी है। जब गैस ही नहीं होगी तो बनाएंगे क्या और बेचेंगे क्या। इससे रोजी रोटी पर भी संकट आ गया है। सेक्टर-12 में फास्ट फूड का काम करने वाले भूषण ने बताया कि तीन दिनों से सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं लेकिन अभी तक कोई राहत की उम्मीद नहीं है। अब गैस भी खत्म होने वाली है। अगर सिलिंडर नहीं मिला तो बडृ़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी।
लकड़ी जलाकर छोले बनाए
सेक्टर-12 मार्केट में ही फास्ट फूड विक्रेता राजू ने बताया कि सिलिंडर नहीं मिल रहा है। अब लकड़ी खरीद कर लाए हैं। चूल्हे पर छोले बनाए जा रहे हैं। इसमें धुआं भी ज्यादा है और इसका असर खाने के स्वाद पर भी पड़ रहा है। लवकुश नगर के रामलखावन ने बताया कि पिछले बड़ा सिलिंडर तो दूरी बात अब छोटे सिलिंडर तक नहीं मिल रहे हैं। इसका बुरा असर रोजगार पर पड़ रहा है। एक ओर दिहाड़ी छूट रही है और दूसरी ओर नुकसान हो रहा है।