माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। उठान धीमा होने की वजह से नई अनाज मंडी पांच दिन से बंद की गई है। इसकी वजह से खरीद प्रक्रिया भी रोक दी गई है। बंद के बावजूद मंडी में धान की आवक बढ़ती जा रही है। मंडी खुलने और खरीद के इंतजार में मंडी के बाहर दो दिन से बैठे किसानों का शनिवार को गुस्सा फूट गया। किसानों ने जमकर मार्केट कमेटी अधिकारियों को कोसा। मंडी के बाहर किसानों की ट्रैक्टर ट्रॉलियों की भीड़ से जीटी रोड पर जाम लग गया। इसके बाद मार्केट कमेटी प्रबंधन व पुलिस मौके पर पहुंची। इसकी सूचना आला अधिकारियों को दी गई। जिसके बाद मंडी बंद होने के बाद भी अधिकारियों ने गेट पास कटवा किसानों की फसल को मंडी में जाने दिया।
मंडी के पूर्व प्रधान एवं आढ़ती रजनीश ने कहा कि ये किसानों के साथ अत्याचार हो रहा है। या तो मंडी बंद करने की सूचना किसानों को दी जाए। ताकि किसान फसल लेकर मंडी में न आए। मंडी में जब आवक हो चुकी है तो उसकी खरीद भी की जानी चाहिए। पांच दिनों से मंडी बंद है। किसानों की फसल ट्रॉली में लोड है। किसान अपनी बारी का इंतजार करते नजर आते हैं।
किसान बोले- बाहर की फसल खरीद रहा प्रबंधन
मंडी में धान लेकर गेट पास कटने का इंतजार कर रहे किसानों ने कहा कि ये अधिकारियों की मिलीभगत से किसानों के साथ ड्रामा किया जा रहा है। जानबूझकर किसानों के धान का रेट पीटने के लिए ये अधिकारियों का प्रायोजित खेल है। किसानों की एमएसपी पर फसल खरीदने के बजाए मंडी प्रबंधन बाहर की फसलें खरीद करवा रहा है। किसानों से कम रेट पर फसल खरीदी जा रही है। किसानों को मजबूर किया जा रहा है। अब बाहर की काफी फसल खरीदने के मामले की परतें खुलने लगी हैं। अब अधिकारी मंडी के गेट बंद कर रहे हैं और अब कुछ दिन में कहेंगे कि उनकी खरीद का कोटा पूरा हो चुका है। इसलिए अब वे बाकी की फसल नहीं खरीद सकेंगे।
मंडियां बंद रख किसानों को लूटने की साजिश : बलड़ी
भारतीय किसान यूनियन सर छोटूराम के प्रवक्ता बहादुर मेहला बलड़ी ने पांच दिन मंडी बंद रखने की आलोचना करते हुए कहा है कि यह किसानों को लूटने की साजिश का हिस्सा है। सरकारी अधिकारी किसानों को लूटने की योजना बना रहे हैं। मंडी बंद रखने से किसानों की समस्याओं का हल नहीं होगा। किसानों को मजबूर किया जा रहा है कि वे अपने धान को कम दामों में बेचकर चले जाएं। ऐसे कई मामले सामने भी आए हैं जब किसान 1700-1800 रुपये में धान बेचने को मजबूर हुआ है। फर्जी गेट पास के मामले में भले ही तीन अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया हो लेकिन इनके आकाओं को जब तक नहीं गिरफ्तार नहीं किया जाएगा घोटाले से पर्दाफाश नहीं होगा।
9.50 लाख मीट्रिक टन आवक
जिले की विभिन्न मंडियों में अब तक 9 लाख 50 हजार 497 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है, जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 637876 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 189618 व हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन द्वारा 123003 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। मंडियों से धान उठान का कार्य सरकारी खरीद एजेंसियों को समय पर कराने के आदेश दिए गए हैं।