माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नई अनाज मंडी में मार्केट कमेटी के तीन अधिकारियों और कर्मचारियों ने मिलीभगत कर करीब एक लाख क्विंटल धान के करीब दो हजार से ज्यादा फर्जी गेट पास काट दिए। ये फर्जी गेट पास असली किसानों के नाम पर नहीं, बल्कि फर्जी खातों या अन्य लोगों के नाम से तैयार किए जा रहे थे, जिससे सरकारी खरीद रिकॉर्ड में हेरफेर की गई। खास बात ये है कि ये सभी फर्जी गेट पास मंडी के गेट से नहीं बल्कि मंडी के बाहर बैठकर काटे गए हैं। इसके लिए तीनों निलंबित अधिकारियों ने अपने ही यूजर आईडी ओर पासवर्ड का इस्तेमाल तो किया लेकिन इस्तेमाल के लिए डिवाइस दूसरी ले ली। मामले की शिकायत होने पर गेट पास काटने वाली डिवाइसों की जांच की गई तो उनका आईपी एड्रेस अलग अलग लोकेशन का आया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएम कार्यालय की ओर से संलिप्त मंडी सुपरवाइजर हरदीप और अश्वनी समेत ऑक्शन रिकॉर्डर सतबीर को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। चर्चा में ये भी हैं कि इनकी यूजर आईडी और पासवर्ड एक साथ कई कई लोकेशन पर इस्तेमाल हो रहे थे। यानी इस मामले में इनके अलावा भी अन्य कई लोग शामिल रहे हैं। जिन्हें इन तीनों के यूजर आईडी और पासवर्ड की जानकारी थी। इस मामले की जांच अब मार्केट कमेटी के मुख्य अधिकारियों से लेकर तरावड़ी अनाज मंडी तक जाएगी। संशय है कि तरावड़ी अनाज मंडी के अधिकारी भी इस खेल में शामिल रहे हैं।हालांकि इस मामले को लेकर किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी कई बार विरोध प्रदर्शन तक कर चुके हैं।
डीसी ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मंडी में धान की खरीद को लेकर डीसी उत्तम सिंह ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई। समीक्षा बैठक के बाद डीसी ने धान खरीद प्रक्रिया की भी बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान की खरीद में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दूसरे राज्यों से अगर धान आ रहा है तो उसकी जांच के लिए संबंधित अधिकारी सड़कों पर निगरानी बढ़ाएं। जहां जरूरत हो, वहां नाके लगाकर धान की जांच करें। अनावश्यक किसानों को परेशान न करें, साथ ही अगर दूसरे प्रदेशों से नियमों का उल्लंघन करते हुए धान लाया जा रहा है तो उस पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही मिली तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी मंडियों सहित आवश्यक जगहों पर सीसीटीवी कैमरे चालू हालत में होने चाहिए। कैमरों कि जांच की जाएगी। अगर कैमरे बंद मिले तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।