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धान लेकर भूखे प्यासे खड़े रहे किसान

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यूपी की सीमा से धान लेकर आये किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। दस घंटे तक यूपी के किसान धान से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां लेकर बॉर्डर पर भूखे प्यासे बैठे रहे। जब उनका सब्र जवाब देने लगा तो उन्होंने मेरठ रोड जाम करने का निर्णय लिया। जैसे ही इसकी भनक प्रशासन को लगी तो आनन-फानन में दोपहर तीन बजे के करीब उनको करनाल आने दिया गया। दूसरी ओर नई अनाज मंडी में सुबह धान लेकर पहुंचे किसान गेटपास के लिए भटकते रहे। इस दौरान हाईवे पर ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार लगी रही, जिससे राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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जिला प्रशासन ने यूपी के किसानों के लिये मोदीनपुर में पिछले तीन दिनों से परचेज सेंटर बनाया हुआ है। सोमवार को करनाल नई अनाज मंडी पहुंचे सीएम मनोहर लाल ने पांच अक्टूबर के बाद यूपी के किसानों का रजिस्ट्रेशन और धान खरीद का भरोसा दिलाया था। वहीं अधिकारियों ने भी निर्धारित खरीद केंद्र पर हर सुविधा मुहैया कराने का भरोसा दिलाया था। लेकिन मंगलवार को उनके दावों की पोल खुल गई। जब यूपी के किसान सुबह पांच बजे से अपनी धान बेचने के लिये करनाल के मोदीनपुर परचेज सेंटर का रुख किया तो उन्हें यमुना पुल से पहले ही रोक लिया गया और करनाल बॉर्डर पार नहीं करने दिया गया। सुबह पांच बजे से दोपहर तीन बजे तक किसान तेज धूप में सड़क किनारे ही भूखे प्यासे बैठे रहे। इस दौरान मोदीनपुर खरीद केंद्र पर आनन फानन में व्यवस्थाएं शुरू की गयीं। दूसरी ओर करनाल नई अनाज मंडी के पास नमस्ते चौक से मधुबन तक सुबह ट्रैक्टर ट्रालियों की कतार लगी रही। इस दौरान जाम से आमजन भी परेशान रहे। बाद में अधिकारियों ने बिना गेट पास के मैनुअल इंट्री कराई।
परचेज सेंटर का नहीं लगाया कोई बोर्ड, भटकते रहे किसान
दोपहर बाद परचेज सेंटर पर तहसीलदार राजबक्श, अनाज मंडी करनाल के प्रधान रजनीश चौधरी और सदर थाना प्रभारी ने व्यवस्था का जायजा लिया, लेकिन मेरठ रोड पर और गांव में कहीं भी परचेज सेंटर का बोर्ड नहीं दिखा। इस कारण दोपहर बाद किसान परचेज सेंटर पर जाने के लिये भटकते नजर आये।
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ये बोले गुस्साये किसान।
सुबह 5 बजे से खड़े हैं भूखे प्यासे
किसान कृष्णपाल ने कहा कि वह सुबह 5 बजे से धान लेकर खड़े हैं, लेकिन उन्हें अनाज मंडी में जाने नहीं दिया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि अभी आदेश नहीं आये हैं। वह पीआर 14 धान लेकर आया था।
सीएम के सामने सब कुछ ठीक था, जाने के बाद फिर वही व्यवस्था
किसान रूकमदिन ने कहा कि उनका आढ़ती करनाल का है, उन्होंने आढ़ती को भी बुलाया था, लेकिन फिर भी उन्हें जाने नहीं दिया। उन्होंने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ है। कहा कि सोमवार को सीएम मनोहर लाल अनाज मंडी में थे, तब यूपी के किसानों को भी परचेज सेंटर पर आने दिया गया और उनके जाने के बाद व्यवस्था फिर पटरी से उतर गयी।
धान पक गई, नहीं आया मैसेज
किसान लाल चंद ने बताया कि उन्होंने पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराया हुआ है। उनकी धान की फसल पक गई और उसने काट भी ली। जब वह मंडी में फसल लेकर पहुंचा तो वहां कहा गया कि आपका नाम नहीं आया है और ना ही मैसेज आया है। इस कारण अनेकों किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार व्यवस्था बनाने में फेल है
किसान अमरीक सिंह ने कहा कि सरकार व्यवस्था बनाने में फेल है। किसानों को परेशान किया जा रहा है। हर साल किसानों के साथ ऐसा ही किया जाता है। धान बेचने में किसानों को ऐसे ही धक्के मिल रहे हैं।
दोपहर बाद सभी किसानों को परचेज सेंटर पर आने दिया गया था। साइन बोर्ड जल्द ही लगवा दिये जायेंगे। साथ ही अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की जायेगी। किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जायेगी।
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-आयुष सिन्हा, एसडीएम करनाल।
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