संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। मुस्तफाबाद गांव में किसानों की कृषि योग्य काश्त भूमि पर रेत कारोबारियों की ओर से जबरन रेत डालने से किसानों में नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि जिला प्रशासन की मिलीभगत से यह काम हुआ है। सभी ने कहा कि वह अपनी जान दे देंगे पर जमीन नहीं देंगे। किसानों का विरोध प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
शनिवार को आस-पास के कई गांवों से किसान एकजुट होकर समर्थन में पहुंचे। किसानों ने भारतीय किसान यूनियन का झंडा उठाकर व पगड़ी पहनकर विरोध किया। धरने की अध्यक्षता किसान नेता जोगिंदर सिंह सांगवान, संचालन जिला महासचिव सुरेंद्र सिंह बेनीवाल ने किया। उन्होंने कहा कि सोमवार को किसान जिला सचिवालय पर प्रदर्शन करेंगे और पुलिस अधीक्षक से मिलकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। किसानों ने किसान एकता जिंदाबाद, जमीन हमारी-हक हमारा के नारे लगाए।
किसानों का आरोप है कि बिना किसी पूर्व सूचना या कानूनी प्रक्रिया के प्रशासन ने भारी पुलिस बल और मशीनरी के साथ खेतों में घुसपैठ और कब्जा दिलवाने का प्रयास किया। जब इसकी भनक किसानों को लगी तो वे भारी संख्या में मौके पर पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से इसका विरोध किया। विरोध को देखते हुए प्रशासनिक अमले को पीछे हटना पड़ा। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की गई तो अब वह आंदोलन को और उग्र करेंगे। धरनारत किसानों ने कहा कि प्रशासन तत्काल इस अवैध कार्रवाई को रोके और किसानों की भूमि को किसी निजी हित के लिए न छीना जाए। इस मौके पर ईशम सिंह, जोगिंदर सिंह, सतपाल, सुरेंद्र बेनीवाल, जसमेर सिंह, विनोद राणा कालरम, महेंद्र सिंह, मंडल खेड़ा छपरा, राजकुमार, दवेंद्र सांगवान मौजूद रहे।