तरावड़ी में अनाज मंडी में पिछले तीन दिन से प्राइवेट राइस मिलर्स की ओर से धान खरीद न करने पर नाराज किसानों ने शुक्रवार रेलवे ओवरब्रिज पर करीब एक घंटा तक जाम लगाया।
इस दौरान यातायात पूरी तरह अवरुद्ध रहा। किसान यूनियन के बैनर तले मार्केट कमेटी कार्यालय में एकत्रित हुए किसानों ने नारेबाजी करते हुए मंडी की सड़कों पर जलूस निकाला। इसके बाद किसानों ने राइस मिलर्स एसोसिएशन के प्रधान की दुकान पर भी धरना भी दिया।
जाम की सूचना पर मार्केट कमेटी के सचिव सुल्तान सिंह और बीडीपीओ नीलोखेड़ी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान मंडी में धान का तोल शुरू हुए बिना जाम खोलने के लिए तैयार नहीं हुए। इस पर अधिकारियों ने साथ चलकर खरीद और तोल शुरू करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद किसानों ने जाम खोला।
इस दौरान किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजीत सिंह काहलो ने आरोप लगाया कि पिछले तीन दिन से खरीद न करने का सारा खेल फिक्स था। उन्होंने बताया कि इस तीन के भीतर मंडी में धान भारी मात्रा में जमा हो गया और जिसे आज राइस मिलर्स चार सौ रुपये प्रति क्विंटल कम लेंगे।
इस हिसाब से हर किसान को आठ से दस हजार रुपये प्रति एकड़ का नुकसान उठाना पड़ा। जाम में मुख्य रूप से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रत्नमान, मलूक सिंह जिला प्रधान, राम सिंह चौधरी, रत्न लाल, मुकेश चौधरी, अविनाश मुंजाल, मनोज राणा, बाबू राम बड़थल, रामदिया, रमेश सग्गा, पूर्व सरपंच सौकड़ा जोगेेंद्र सिंह और हरप्रीत सिंह उपस्थित थे। गौरतलब है कि राइस मिलर्स एसोसिएशन ने धान खरीद की नए शर्तें मंडी एसोसिएशन को भेजी थी, जिसे मंडी एसोसिएशन मानने से इंकार कर दिया था।
मंडी एसोसिएशन के इंकार के बाद मामले ने तूल पकड़ा और खरीद पूरी तरह बंद हो गई। तीसरे दिन मार्केटिंग बोर्ड के बड़े अधिकारियाें ने मामला सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को तरावड़ी के एक राइस मिल में बुलाया, लेकिन राइस मिलर्स की ओर से धान को पंखा लगाने की नई शर्त ने मामले को और बिगाड़ दिया।
उपायुक्त की मौजूदगी में समाधान
मामला को ज्यादा बिगड़ता देख जिला प्रशासन की ओर से एक बैठक जिला उपायुक्त विकास यादव के कार्यालय में रखी, जहां पहुंचे दोनो पक्षों ने समझौता कर लिया और धान को पंखा लगाने की शर्त को भी दरकिनार कर दिया।