भारतीय किसान यूनियन चढूनी ग्रुप के बैनर तले किसानों ने शनिवार को सेक्टर 12 स्थित लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने उपमंडल अधिकारी सुमित सिहाग को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मांग की कि बीती 26 जनवरी को दिल्ली में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए। उन्होंने दिल्ली में हुई घटना की निंदा की।
इससे पूर्व सुबह डेरा कार सेवा में भाकियू पदाधिकारियों की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया कि रविवार सुबह जिले से 100 से अधिक किसान करीब 30 वाहनों से उत्तरप्रदेश के मुजफ्फरनगर व शामली जिले में भाजपा के खिलाफ प्रचार करने के लिए जाएंगे। सुबह आठ बजे सेक्टर 12 स्थित जाट धर्मशाला के समीप किसान एकत्रित होने के बाद रवाना होंगे। इस मौके पर भाकियू प्रदेश कोर कमेटी सदस्य जगदीप औलख, जिला प्रधान अजय राणा, आईटी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बहादुर सिंह मेहला, समे सिंह संधू, इंद्री खंड प्रधान मंजीत लालर सहित सभी खंड प्रधान व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
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करनाल से जन आंदोलन शुरू करेंगे किसान
करनाल। राज्य भर के किसान अपनी मांगों को लेकर सात व आठ फरवरी को सीएम सिटी करनाल से जन आंदोलन की शुरूआत करेंगे। उनकी मांगों में कपास की फसल का मुआवजा, ट्यूबवेल कनेक्शन, बुढ़ापा पेंशन काटना बंद करना, किसानों-मजदूरों के कर्ज माफ करना व एमएसपी खरीद गारंटी कानून बनाना इत्यादि शामिल हैं। सात फरवरी की शाम को करनाल में मशाल मार्च निकालेंगे। यह जानकारी पगड़ी संभाल जट्टा किसान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष मनदीप नथवान ने दी।
उन्होंने कहा कि पंजाब में चुनाव के दबाव में किसानों व मजदूरों को मुआवजे का एलान हुआ है। हरियाणा में किसानों के खाते में मुआवजे के नाम पर फूटी कौड़ी नहीं मिली। आंदोलन के दौरान किसानों पर दर्ज हुए मुकदमे भी बाकी हैं। सरकार से इन तमाम मुद्दों पर लड़ने के लिए लोगों का सांझा मोर्चा बनाने का प्रयास किया जाएगा। करनाल में निकाले जाने वाले मशाल प्रदर्शन में कई किसान संगठन शामिल होंगे। सात फरवरी दोपहर बाद बड़ी संख्या में किसान करनाल पहुंचेंगे और रात को धरनास्थल पर ही रुकेंगे। भाकियू चढूनी ग्रुप ने इस आंदोलन को समर्थन दिया है।