संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। रबी सीजन की प्रमुख तिलहन फलस सरसों की खेती करने वाले किसान परेशान है। मंडी में नई फसल की आवक बढ़ने से दामों में भारी गिरावट आ गई है, जिससे उत्पादन लागत के मुकाबले किसानों को घाटा हो रहा है। इंद्री और आसपास के क्षेत्रों में सैकड़ों किसान अपनी उपज एमएसपी से नीचे दामों पर बेचने को मजबूर है। हालात ये है कि सीजन की शुरुआत में पीली सरसों 7000-7500 रुपये प्रति क्विंटल और काली सरसों 6000-6500 रुपये तक बिक रही थी लेकिन अब भाव गिरकर 6200-6800 रुपये प्रति क्विंटल रह गए हैं। इंद्री मंडी में न्यूनतम भाव 5800-6000 रुपये तक सिमट गया है, जो एमएसपी 6200 रुपये से भी नीचे है।
- सरकारी खरीद में देरी से दाम गिरे
किसान ऊधमसिंह, रिषिपाल, चमन लाल, पवन, विजय ने कहा कि सरकारी खरीद 23 मार्च से शुरू होने की संभावना है। सरकारी खरीद में देरी से व्यापारी कम दामों पर खरीद रहे हैं, जिससे 500-700 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान हो रहा।
- सरकारी खरीद पर उम्मीदें
केंद्र सरकार ने रबी 2026-27 के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत हरियाणा सहित 11 राज्यों में चना, मसूर व सरसों की एमएसपी पर खरीद मंजूर की है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किसानों को एमएसपी लाभ सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। अब किसानों को सरकारी खरीद से फसल की लागत मिलने की उम्मीद है।