- एनएचआरडीएफ में दिया जा रहा प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राष्ट्रीय बागवानी अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान, क्षेत्रीय अनुसंधान (एनएचआरडीएफ) करनाल में राजस्थान के जोधपुर और सिरोही जिले के किसानों को उन्नतशील किस्मों के लहसुन और प्याज की खेती की नई तकनीक का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। वैज्ञानिकों ने किसानों को लहसुन और प्याज के लंबे समय तक उचित भंडारण की तकनीक को भी साझा किया है।
एनएचआरडीएफ करनाल में कृषक प्रशिक्षण तीन से सात मार्च तक शुरू किया गया है। जिसमें राजस्थान के 80 किसान हिस्सा ले रहे हैं। एनएचआरडीएफ के अध्यक्ष एवं सहायक निदेशक डॉ.आलोक कुमार सिंह ने कहा कि राजस्थान के कई जिले ऐसे हैं, जहां बहुतायत में लहसुन और प्याज की पैदावार होती है। किसानों की आय का मुख्य जरिया भी यही है। किसानों के साथ नई तकनीकियां साझा की गई, वहीं सबसे महत्वपूर्ण लहसुन प्याज के प्रबंधन के तरीके सिखाए जा रहे हैं। किसानों से लहसुन की यमुना सफेद, यमुना चार, यमुना पांच, यमुना छह, प्याज की एग्रीफाउंड, एल-883 आदि कई किस्मों की जानकारी दी गई। किसानों को ये भी बताया कि इनमें कई किस्मों का बीज करनाल अनुसंधान केंद्र पर मिलेगा। किसानों को प्याज और लहसुन के भंडारण की तकनीक भी सिखाई जाएगी, खेतों पर उन्हें विभिन्न किस्मों के ट्रायल भी दिखाए जाएंगे। अभी प्रशिक्षण सात मार्च तक चलेगा।