कुरुक्षेत्र में बेमौसमी बरसात के कारण जिले में जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। इस बरसात का सबसे ज्यादा खामियाजा किसान तथा राइस मिलरों को उठाना पड़ रह है।
अनाज मंडी में 8 से 9 लाख धान के कट्टे गीले हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि दो दिन से हो रही इस बारिश से प्रदेश में राइस मिलराें को 500 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मंडी में बरसात होने के कारण दूसरे दिन भी धान की खरीद नहीं हो सकी।
इसके चलते कुरुक्षेत्र की नई अनाज मंडी में भीगे हुए धान से मंडी पूरी तरह से अट गई है। यदि तीसरे दिन भी बरसात हो जाती है तो मंडियों और खेतों में पड़ा धान पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगा।
सरकारी तथा प्राइवेट एजेंसियों ने धान की खरीद रोक दी है। इतना ही नहीं मंडी में आया किसानों के धान की ढेरियां पूरी तरह से गीली हो चुकी है। किसानों को अब चिंता सताने लगी है कि पहले तो सरकारी खरीद न होने के कारण उन्हें खामियाजा उठाना पड़ा और अब भगवान ने भी उनके साथ खिलवाड़ किया है।
किसानों के अनुसार मंडी में धान पूरी तरह से गीला हो चुका है, जिसके कारण एजेंसियां खरीद करना छोड़ गई है। राइस मिलरों ने भी धान गीला होने के कारण सरकार से 100 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज मांग लिया है।
मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष जगतार सिंह काजल ने बताया कि मंडी में 8 से 9 लाख धान के कट्टे पड़े हैं जो बरसात के कारण गीले हो चुके हैं। इतना ही नहीं जो किसान शुक्रवार को सूखा धान लेकर आए थे वह धान भी बरसात के कारण गीला हो गया है। जगतार सिंह ने बताया कि यदि एक बार बरसात और हो गई तो धान में अंकुर फूटना शुरू हो जाएगा और यह खराब हो जाएगा। अध्यक्ष के अनुसार सरकार को किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा कर देनी चाहिए।
बरसात के कारण खरीद नहीं हुई : मंडी सचिव
थानेसर नई अनाज मंडी मार्केट कमेटी सचिव नरेश मान ने बताया कि दो दिन से हो रही बरसात के कारण मंडी में धान गीला हो गया है, जिसके कारण खरीद एजेंसियां भीगे हुए धान की खरीद नहीं कर रही है। उन्हाेंने बताया कि किसानों को इस बेमौसमी बरसात से काफी नुकसान हुआ है। उन्हाेंने यह भी कहा कि यदि मौसम खुल जाता है और किसानों का धान सूख जाता है तो खरीद सुचारु रूप से हो जाएगी।
राइस मिलरों को 500 करोड़ का नुकसान
राइस मिल एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव ज्वैल सिंगला ने बताया कि प्रदेश में राइस मिलरों को 500 करोड़ का नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक अकेले कुरुक्षेत्र में मिलरों को 100 करोड़ का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 900 मिल हैं जिनमें से कुरुक्षेत्र में 170 मिल हैं। ज्वैल सिंह ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि वें राइस मिलरों को 100 करोड़ रुपये का आर्थिक पैकेज दें।
चावल रिकवरी में दी जाए छूट
ज्वैल सिंगला के अनुसार प्रदेश सरकार 100 किलोग्राम धान में 67 किलोग्राम चावल लेती है, लेकिन बरसात के कारण धान काफी गीला हो गया है अब उन्हें 67 किलोग्राम के स्थान पर 62 किलोग्राम चावल दिए जाने की छूट दी जाए। इसके अलावा डैमेज चावलों पर तीन प्रतिशत छूट दी जाती है उसमें भी उन्हें 5 प्रतिशत छूट दी जाए। ज्वैल सिंगला ने बताया कि राइस मिलर्स पहले ही सरकार की नीतियों के कारण घाटे में चल रहे है और यदि अब सरकार ने उन्हें आर्थिक पैकेज नहीं दिया तो राइस मिलर पूरी तरह से बर्बाद हो जाएंगे।