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किसानों ने रात में ही बसताड़ा और पानीपत टोल प्लाजा पर किया कब्जा

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किसान संगठनों ने 12 दिसंबर को देशभर के टोल फ्री करने का ऐलान किया था। इससे पहले करनाल और पानीपत में आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार की देर रात ही बसताड़ा टोल प्लाजा और पानीपत टोल प्लाजा पर कब्जा कर लिया एवं बैरियर तोड़ दिया। साथ ही वाहनों की आवाजाही फ्री कर दी। इस दौरान मौके से पुलिस-प्रशासन नदारद रहा। पुलिस का खुफिया तंत्र एकबार फिर किसानों के आगे फेल साबित हुआ।
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जिले में नेशनल हाईवे-44 पर बसताड़ा और करनाल-जींद मार्ग पर प्योंत टोल प्लाजा को लेकर शुक्रवार की सुबह से ही किसान सक्रिय हो गये थे। किसानों ने मौके पर पहुंचकर शनिवार को टोल बंद रखने की कंपनी अधिकारियों से अपील की थी। इस दौरान टोल प्रबंधन ने एनएचएआई के आदेश पर ही निर्णय लेने की बात कही थी। इसके बाद इसकी जानकारी एनएचएआई और स्थानीय प्रशासन को भी दी गयी थी। इसके बाद डीसी निशांत कुमार यादव ने शनिवार की सुबह ही टोल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात करने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही शुक्रवार की देर रात सैकड़ों की संख्या में पंजाब और हरियाणा किसानों ने बसताड़ा टोल प्लाजा पर धावा बोल दिया। यहां टोल फ्री करने के बाद जैसे ही वे आगे बढ़े एकबार फिर टोल कंपनी ने वसूली शुरू कर दी। ऐसे में दुबारा से किसानों ने लौटकर बैरियर तोड़ दिया। इसके बाद आगे जाकर आंदोलनकारी किसानों ने पानीपत टोल प्लाजा पर भी कब्जा कर उसे फ्री कर दिया।
दूसरी ओर अन्नदाता भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरमुख सिंह ने कहा कि 13 दिसंबर को दिल्ली में लोनी रोड बार्डर बंद करने का निर्णय भी लिया हुआ है। इसको लेकर हरियाणा व उत्तरप्रदेश के किसान संगठनों की बैठकों का दौर चल रहा है। रणनीति के तहत लोनी बार्डर रोड की ओर कूच किया जाएगा और किसानों के जत्थे वहां पहुंचेंगे।
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उन्होंने बताया कि टोल पर होने वाले प्रदर्शन के दौरान किसान अंबानी और अडानी के उत्पादों का बहिष्कार भी करेंगे। वहीं 14 को जिला स्तर पर प्रदर्शन करने की भी किसानों द्वारा योजना बनाई जा रही है। विदित हो कि इससे पहले सीएम को कार्यक्रम से पूर्व भी आंदोलनकारी किसानों ने स्थल पर तोड़फोड़ की थी, जिसके बाद वहां का कार्यक्रम रद कर दिया गया था।
तानाशाही का परिचय दे रही सरकार
असंध। अखिल भारतीय किसान सभा देश के सभी किसान संगठनों के साझा मंच संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर टोल को फ्री करवाने के लिए आंदोलन करेगी। जिला कनवीनर कुलदीप सिंह, सतबीर सिंधड, अशोक अरोड़ा व देशराज अलावला ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। सरकार किसानों की मांग पूरी करने की बजाय तानाशाही का परिचय दे रही है।
सुबह 9 बजे से जुटेंगे किसान, आंदोलन रहेगा शांतिपूर्ण
इधर, भारतीय किसान यूनियन की तरफ से कर्ण पार्क में पत्रकार वार्ता कर युवा नेता भूपेन्द्र सिंह लाडी ने कहा कि टोल प्लाजा पर किसी भी वाहन चालक से टोल नहीं वसूलने दिया जाएगा। अंग्रेज सिंह पन्नू ने बताया कि बसताड़ा टोल प्लाजा पर सुबह 9 बजे उनके संगठन से जुड़े किसान पहुंचेंगे। गांव-गांव में बैठक कर रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से होगा।
बंदी से टोल कंपनी को होगा करीब 30 लाख का नुकसान
बसताड़ा टोल प्लाजा पर 24 घंटे में औसतन 45 हजार वाहन गुजरते हैं। फास्टैग मिलाकर जिनसे कंपनी रोजाना 30 लाख रुपये से ज्यादा का टोल वसूलती है। ऐसे में यदि एक दिन टोल फ्री हुआ तो करीब 30 लाख रुपये के रेवेन्यू लॉस का अनुमान है। इधर, प्योंत टोल पर भी रोजाना 30 हजार वाहन निकलते हैं। ऐसे में यहां भी करीब 20 लाख रुपये का रेवेन्यू लॉस होगा।
टोल कंपनी का तर्क
जैसा एनएचएआई कहेगी, वैसा करेंगे : मैनेजर
हमने जिला प्रशासन को सूचित किया हुआ है और एनएचएआई को भी बताया हुआ है। जैसी गाइड लाइन एनएचएआई की तरफ से हमें मिलेगी, हम वैसे ही करेंगे। यदि टोल को फ्री रखने को कहेंगे तो कर देंगे। यदि वसूलने का आदेश होगा तो रोजाना की तरह ही व्यवस्था रहेगी। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ही निर्देशों का पालन किया जाएगा।
-आशुतोष, मैनेजर, बसताड़ा टोल
प्रशासन के इंतजाम
कानून हाथ में नहीं लेने देंगे, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे : डीसी
किसानों के ऐलान को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। आंदोलन शांतिपूर्ण रहे और इससे किसी को कोई परेशानी न हो। ऐसी व्यवस्था हम करेंगे। प्रदर्शन के दौरान किसी को भी कानून हाथ में नहीं लेने दिया जाएगा। हमारे सुरक्षा इंतजाम भी पुख्ता हैं। जिला के दोनों टोल प्लाजा पर सुबह फोर्स की भी तैनाती की जाएगी। -निशांत कुमार यादव, डीसी करनाल।
एसपी बोले,
एसपी गंगाराम पुनिया ने कहा कि सभी थाना प्रभारियों को अलर्ट रहने के निर्देश दिये गये हैं। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा।
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