इंद्री/करनाल। किसान कर्ज मुक्ति यात्रा नीलोखेड़ी खंड में यात्रा पूर्ण कर वीरवार को इंद्री खंड में पहुंची। यहां कलसोरा गांव में यात्रा के पहुंचने पर किसान इस यात्रा के स्वागत में उमड़ पड़े। पहली बार हरियाणा के गांवों में खाट पंचायत दिखाई दी। यहां गांव के किसानों का दर्द यात्रा के दौरान उभर कर सामने आया। गांव बड़थल, बरानी खालसा, बराना, रायपुर रोड़ान के बाद यह यात्रा इंद्री में पहुंची थी।
खाट पंचायत में भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसान इस देश के अन्नदाता है। किसान को अधिक अन्न उत्पादन करने का इनाम देने की बजाय दंड मिल रहा है। किसान यदि किसी को सत्ता में बिठाना जानते हैं तो उन्हें उतारना भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि पहले देश में आजादी के समय 72 प्रतिशत किसान था, आज केवल 22 प्रतिशत ही रह गया है। 50 प्रतिशत किसान दिहाड़ी दार मजदूर बन गया। जो गंदी बस्तियों, झुग्गी झोपड़ी और फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू कराने के लिए भारतीय किसान यूनियन 3 मार्च को करनाल में प्रदेशस्तरीय दहाड़ किसान महापंचायत करने जा रही है। इसमें पूरे राज्य के किसान शामिल होंगे। इस महापंचायत को सफल बनाने और अधिक से अधिक किसानों तक अपना संदेश पहुंचाने के लिए यूनियन ने मंगलवार से कडक़ड़ाती सर्दी के बीच 12 दिवसीय कर्ज मुक्ति यात्रा भी शुरू की थी । दहाड़ किसान महापंचायत को राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता राकेश टिकैत, युद्धवीर सिंह, अजमेर सिंह लखोवाल सहित कई किसान नेता संबोधित करेंगे। इस यात्रा के पहुंचने पर यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष रतनमान को किसानों ने पगड़ी पहनाकर स्वागत किया। इस दौरान इनके साथ प्रदेश उपाध्यक्ष प्रेमचंद शाहपुर, प्रदेश संगठन सचिव श्याम सिंह मान, जिला संरक्षक मेहताव सिंह कादियान,जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान,खरंड प्रधान सतीश कलसोरा,नेकी राम गढ़ी बीरवल,सतबीर मढान,सुरेश काम्बोज,दिलावर सिंह,ओमपाल मढान,शीशपाल,भीम, प्रभारी बलवान बदरान, जिला अध्यक्ष बाबूराम बड़थल, जिला संरक्षक महताब कादियान भी मौजूद रहे।
प्रदेशाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि जब तक सरकार स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू नहीं करती तब तक किसानों का आंदोलन जारी रहेगा। किसानों को अब कर्ज माफी नहीं चाहिए, बल्कि किसानों को कर्ज मुक्त बनाया जाए। रतनमान ने कहा कि इस कर्ज मुक्ति यात्रा का समापन 28 जनवरी को बल्ला गांव में दादा खेड़ा परिसर में होगा।
किसानों ने की खाट पंचायत
हरियाणा में किसान अब संघर्ष के पथ पर लगातार आगे बढ़ रहे हैं। यूपी के बाद करनाल में भी खाट पंचायत दिखने लगी है। किसान अब सरकार में बैठे लोगों को सबक सिखाने के मूड में हैं। किसान नेता रतन मान कहते हैं कि किसानों से जिसने भी पंगा लिया है, वह सत्ता से बेदखल हुआ है। किसान अब भाजपा से बात करना चाहते हैं। यदि सरकार ने बात नहीं मानी तो किसान सडक़ पर उतर कर अपना हक मांगेंगे। किसान सड़क से संसद तब की लड़ाई लडे़ंगे। किसान की सहनशीलता की सीमा अब टूट रही है। किसान के दर्द के आंसू सैलाब बन कर सत्ता में बैठे लोगों को बहा कर ले जाएंगे।