कैथ्ाल के गांव रिवाड़ जागीर में जांच अधिकारी बनकर गए तीन नकली अफसरों को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। लोगों को इन पर शक उस समय हुआ, जब इन नकली अधिकारियों ने एक घर में तो बिजली बिल की जांच शुरू कर दी तो दूसरे घर में पानी के अवैध कनेक्शन को लेकर वसूली की मांग कर डाली। जिस कारण लोगों को इन पर शक हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया है। वहीं इस मामले में चीका पुलिस ने रिवाड़ वासी होशियार सिंह की शिकायत पर गांव डंडोता निवासी रामचंद्र, पंजाब सिंह व सुखदेव के खिलाफ विभिन्न आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
गांव से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह तीन व्यक्ति गांव में आए व अपने आपको दिल्ली से आए विशेष जांच अधिकारी बताकर लोगों के घरों के बिजली के मीटर चेक करने शुरू कर दिए। चेकिंग से डरे लोगों से उन्होंने कई जगह पैसे भी वसूल किए।
कुछ घरों में वे अपने आपको वाटर सप्लाई विभाग के अफसर बताकर पानी के कनेक्शनों के कागज मांगे। जो लोग कागज नहीं दिखा पाए वहां से मामले को रफा दफा करने के नाम पर अच्छे खासे पैसों की भी वसूली की। गांव वालों ने बताया कि कुछ स्थानों पर उक्त तीनों लोगों ने अपने आपको वन विभाग का अफसर भी बताया और पास लगते जंगलात से होने वाले लकड़ी के अवैध कटान की भी जांच की बात कही।
गांव में दिल्ली के अफसरों के आने की बात ज्यों ही फैली लोग इधर-उधर से गांव में जमा होने शुरू हो गए। जो अधिकारियों को वन, बिजली एवं जनस्वास्थ्य अलग-अलग विभागों से बता रहे थे। जिस कारण लोगों को इन पर शक हो गया और सभी ने तीनों नकली अधिकारियों से पहचान पत्र मांगना शुरू कर दिया।
जिसे सुनकर तीनों सकपका गए। लोगों ने तीनों को पकड़ा और चीका पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धारा 170 के अधीन केस दर्ज करके पहले उनकी गिरफ्तार कर लिया। बद में उन्हें गुहला अदालत में पेश कर दिया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।