संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। असंध के प्रवीन कुमार के बेटे अमन कुमार को इंग्लैंड का फर्जी वीजा देकर चार आरोपियों ने 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली। चारों ने पहले कनाडा का स्पॉन्सर वीजा लगवाने का झांसा दिया था। दिया इंग्लैंड का वीजा। यह भी एयरपोर्ट पर जाने पर फर्जी पाया गया। प्रवीन ने एसपी करनाल को शिकायत दी। मामले में सेक्टर 32,33 पुलिस थाना ने चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज की है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच में 18 लाख रुपये की धोखाधड़ी की पुष्टी हुई है।
प्रवीन कुमार ने बताया कि करनाल के उनके जानकार गुलशन ने उन्हें अपने दोस्त प्रीतमपुरा निवासी विजय कुमार से मिलवाया था। उसने खुद को विदेश भेजने का काम करने वाला बताया। कहा कि उनके बेटे अमन कुमार को कनाड़ा स्पॉंसर वीजा पर भेज देंगे। 22 लाख रुपये देने होंगे। जून, 2025 में सेक्टर-12 स्थित अदालत के नजदीक वे आरोपियों से मिले और अमन के दस्तावेज दे दिए। करीब एक माह बीतने के बाद भी कनाडा का वीजा न मिलने पर उन्होंने दस्तावेज वापस मांगे। आरोपियों ने उन्हें भरोसा दिया कि वे अमन कुमार को इंग्लैंड के वीजा पर भेज देंगे। इसके लिए उनकी 19 लाख रुपये की फीस लगेगी। आरोपियों ने कुछ समय बाद कहा कि उनका वीजा आ गया है। अब उन्हें पूरी राशि देनी होगी। इसके बाद शिकायतकर्ता प्रवीन कुमार ने 15 अगस्त 2025 की शाम करीब 6 बजे आरके पुरम के होटल में जाकर साढ़े 18 लाख रुपये नकद आरोपी विजय कुमार व गुलशन को दिए।
होटल के अंदर आरोपी दीपक आया, उसने अमन का पासपोर्ट और इंग्लैंड के वर्क वीजा की कॉपी दी। आरोपियों ने उन्हें बताया कि अमन कुमार की टिकट 27 अगस्त 2025 की है। निर्धारित समय पर शिकायतकर्ता प्रवीन कुमार बेटे और परिवार के साथ दिल्ली हवाई अड्डे पहुंचे। वहां बोर्डिंग पास की जांच के दौरान एयरपोर्ट अधिकारियों ने वीजा को फर्जी बताया।
उन्होंने तुरंत आरोपी विजय कुमार को फोन किया। आरोपियों ने कहा कि दस्तावेज में कमी के कारण ऐसा हुआ है। अब वो दोबारा से 15 दिन में वीजा दिलवा देंगे। सेक्टर 32,33 थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
पहले देते रहे वीजा का आश्वासन, अब देने लगे धमकी
शिकायतकर्ता प्रवीन ने बताया कि उनकी लगातार आरोपियों से बात हो रही है। पहले 10-15 दिन में वीजा दिलवाने का आश्वासन दिया गया। लेकिन यह समय बीत जाने के बाद भी न तो वीजा दिया और न ही कोई टिकट करवाई। जब उन्होंने अपने रुपये वापस मांगे तो पहले आरोपी बहाने बनाने लगे। 22 अक्तूबर, 2025 को आरोपी विजय कुमार ने एक लाख रुपये नकद लौटाए और बाकी रकम आरोपी दीपक व रोहित से आने की बात कही। इसके बाद चारों आरोपियों ने मना कर दिया। उन्होंने कहा कि वे राशि वापस नहीं देंगे। चारों उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।