करनाल। गर्मी में बाहर खुले में लगी दुकानों के तले भुने खाद्य पदार्थ खाने से सेहत खराब हो सकती है। इन्हें खाने से पेट संबंधी बीमारियों में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में डायरिया और उल्टी के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
मार्च और अप्रैल में जहां ऐसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या 96 थी, वहीं मई महीने के लिए सिर्फ 22 दिनों में ऐसे मरीजों का आंकड़ा 40 को पार कर गया है। इनमें बच्चों की संख्या ज्यादा है। इन दिनों रोजाना औसतन पांच नए मरीज आ रहे हैं।
जिला नागरिक अस्पताल से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि इसकी बड़ी वजह ये सामने आई है कि बच्चे गर्मी में जंक फूड, बासी खाना और खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन कर रहे हैं। साथ ही, जंक फूड के साथ-साथ साफ-सफाई की कमी भी एक प्रमुख कारण बन रहा है। उनका कहना है कि इस मौसम में जीवाणु और वायरल संक्रमण तेजी से फैलते हैं। बासी खाना, दूषित पानी और खुले में मिलने वाले खाद्य पदार्थ बच्चों के पेट को सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं।
छोटे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, जिससे वे जल्दी इन बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों को ताजा खाना, साफ पानी देना चाहिए और बाहर के खाने से बचाना चाहिए। खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थ जैसे गोलगप्पे, चांट, बर्फ के गोले और मिठाइयां मक्खियों और धूल के सीधे संपर्क में रहते हैं।
रेहड़ी पर कई दिन तक एक ही तेल को बार बार प्रयोग करने के कारण उसमें कीटाणु पैदा हो जाते है जो कि गर्मी में तो और अधिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा कई बार छोटे बच्चे बिना हाथ धोए खाना खाते हैं या खेलने के तुरंत बाद कुछ भी खा लेते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। फ्रोजन आइटम, आइसक्रीम या कोल्ड ड्रिंक भी संक्रमण को बढ़ावा देती हैं। संवाद