करनाल। धुंध के मौसम में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अव्यवस्थाओं के कारण हर कदम दुघर्टना संभावित क्षेत्र के रूप में राहगीरों के लिए चुनौती है लेकिन जिम्मेदार विभागों के अधिकारी अनजान बने हुए हैं। न सड़क पर सफेद पट्टी लगाई गई है और न ही उखड़े संकेतक दुरुस्त किए हैं। इसके अलावा बेसहारा पशुओं की भी भरमार है और नालों की स्लैब भी उखड़ी हुई है। यह स्थिति तब है, जब पिछले दो वर्षों में राजमार्ग पर हादसों में कई लोगों की जान गई थी।
वर्ष 2022 में दो किलोमीटर में सात से ज्यादा हादसे होने पर 10 ब्लैक स्पॉट भी घोषित किए गए थे। करनाल जिले में पानीपत सीमा से लेकर कुरुक्षेत्र सीमा तक के 45 किलोमीटर के हाईवे पर 89 दुघर्टना संभावित क्षेत्र चिन्हित हुए थे, जहां सड़क हादसों में 54 लोगों की मौत और 79 गंभीर रूप से घायल हुए थे। यही स्थिति इस बार भी सामने आने लगी है। पिछले 10 दिनों में हाइवे पर कई हादसे हो चुके हैं।
इधर, एनएचएआई के अधिकारियों का दावा है कि सड़क के गड्ढे भरने के साथ अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं। पहले से स्थिति सुधरी है। सर्दी बढ़ने से पहले पर्याप्त इंतजाम कर लिए जाएंगे। यह हालात तब हैं जब उपायुक्त हर माह होने वाली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में अधिकारियों को गड्ढे भरने के साथ सड़कों पर अन्य सुरक्षा इंतजाम करने के सख्ती से निर्देश देते हैं।
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फ्लाईओवर बनने के कारण कई जगह डायवर्जन
छह लेन का नेशनल हाईवे-44 करनाल में मधुबन (पक्का पुल) और कर्ण लेक नहर के पुल पर आकर संकरा जाता है। दोनों पुलों की चौड़ाई कम है। मधुबन पर पक्का पुल बनाया जा रहा है। इसके अलावा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य भी जारी है। इससे कई जगह डायवर्जन दिए गए हैं। इस कारण वाहनों की रफ्तार थमती है। इससे भी हादसे हो रहे हैं। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञ एडवोकेट संदीप और तेजपाल का कहना है कि धुंध में यहां हादसे की संभावना ज्यादा है। जरूरी इंतजाम होने चाहिए।
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गत वर्ष यहां हुए थे इतने हादसे
ब्लैक स्पॉट
दुर्घटना क्षेत्र
मौत
घायल
घरौंडा बस स्टैंड के नजदीक
11
07
11
सेक्टर-7 से सीड रिसर्च फार्म तक
11
03
11
कर्णेश्वर मंदिर से देवी लाल रॉज गार्डन तक
09
03
08
ताऊ देवी लाल चौक क्षेत्र
09
08
11
समानाबाहू से रिसायत होटल तक
09
07
06
तरावड़ी
09
07
04
नए बस अड्डे से झिलमिल ढाबे तक
08
07
02
गीता द्वार से मायूर ढाबे तक
08
02
07
मधुबन गोल्फ ग्राउंड से पक्का पुल तक
08
05
07
नीलोखेड़ी
07
05
12
वर्जन
पुरानी चिन्हित सभी जगह ब्लैक स्पॉट की खामियों को दूर करने का काम कर लिया गया है। यदि कहीं और भी दिक्कत है तो उन्हें शीघ्र दूर किया जाएगा। धुंध को ध्यान में रखते हुए रिफ्लेक्टर टेप व साइन बोर्ड लगाने का काम भी चल रहा है। पक्का पुल की चौड़ाई बढ़ाने के लिए काम जारी है। - भानू प्रताप, सेक्शन इंजीनियर, एनएचएआई