उत्तम ब्रह्मचर्य को समर्पित रहा दशलक्षण पर्व का यह दिन
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आत्मिक शुद्धता के प्रतीक पर्व दश लक्षण महापर्व का समापन कल रथ यात्रा व उत्तम क्षमा के साथ होगा। इन दिनों दिगंबर जैन धर्मालुओं के दशलक्षण पर्व चल रहे हैं। इसके नौवें दिन उत्तम ब्रह्मचर्य का धर्म पालन करने की सीख दी गई। जैन साध्वी ज्ञानमोती माता जी ने कहा कि हर व्यक्ति को तप के लिए त्याग करना चाहिए।
मंगलवार को जैन स्थानक में अनंत चतुर्दशी का पर्व मनाया गया। सुबह भगवान बासपूज्य का निर्वाण लाड़ू चढ़ाया गया। जैन साध्वी ज्ञानमोती माता जी ने प्रवचन किए। उन्होंने त्याग और उत्तम आकिंचन के बाद उत्तम ब्रह्मचर्य के महाब्रत ऊपर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा जीवन में ब्रह्मचर्य का अपना ही अलग महत्व हैं। दस दिनों में दस महाव्रतों का पालन करते हैं। इन दिनों में आत्मा की शुचिता के लिए दस व्रतों का पालन किया जाएगा। तप के साथ त्याग का अपना ही अलग महत्व हैं। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को तप के लिए त्याग करना चाहिए। अपने जीवन में बुरी आदतों का त्याग करना चाहिए। जीवन मेंं सफलता के लिए त्याग करना जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि कोई भी जप या तप त्याग के बिना अधूरा हैं। आज सुबह भगवान का अभिषेक किया गया। विशेष विधि से भगवान का अभिषेक के साथ प्रक्षाल किया गया। इस अवसर पर जैन धर्मालुओं ने अपनी सामर्थ के अनुसार दन किया। इस अवसर पर प्रधान बीरेश जैन, दिनेश जैन, अजय जैन, निर्दोष जैन, अजय जैन, डाॅ. पीके जैन, सतीश आदि मौजूद थे।