करनाल। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने शुक्रवार को संपत्ति कर डिफॉल्टर्स के खिलाफ कार्रवाई की। नेशनल हाईवे स्थित एक संपत्ति को सील किया गया, जबकि एक संपत्ति मालिक ने सीलिंग कार्रवाई से बचने के लिए मौके पर ही 16 लाख रुपये संपत्ति कर जमा करवाया।
निगमायुक्त डॉ. वैशाली शर्मा ने बताया कि कार्रवाई के दौरान नेशनल हाईवे पर मौजूद एक संपत्ति पर करीब 11 लाख रुपये कर का बकाया था, जिसे नगर निगम में जमा न करवाने के चलते इसे सील कर दिया गया।
नगर निगम आयुक्त ने बताया कि हरियाणा सरकार की ओर से संपत्ति कर बकायादारों को विशेष राहत प्रदान की गई है। छूट के तहत यदि कोई संपत्ति मालिक 30 जून 2026 तक अपना बकाया संपत्ति कर एकमुश्त जमा करवाता है, तो उसे बकाया राशि पर वर्ष 2024-25 तक लगने वाले ब्याज की माफी का लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस छूट का लाभ लेने के लिए संबंधित संपत्ति मालिक को अपनी प्रॉपर्टी आईडी का स्व-प्रमाणीकरण (सेल्फ सर्टिफिकेशन) करवाना अनिवार्य होगा।
बकायादारों को समय पर टैक्स जमा कराने की अपील
निगमायुक्त ने संपत्ति मालिकों से अपील करते कहा कि वे समय रहते अपना संपत्ति कर जमा करवाएं, ताकि नगर निगम की ओर से की जाने वाली कार्रवाई से बचा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि बड़े बकायादारों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।