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Karnal News: छह हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े गए ईएसआई को चार साल की कैद

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- उस समय निसिंग थाना प्रभारी तैनात था दोषी, कैंटर चोरी के मामले में जांच के लिए मांगी थी आठ हजार रुपये की रिश्वत
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कैंटर चोरी के मामले में छह हजार रुपये की रिश्वत के साथ पकड़े गए ईएसआई को अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने सजा सुनाई है। आरोपी ईएसआई अशोक कुमार को अदालत ने चार साल की कैद और 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यदि दोषी जुर्माना राशि नहीं जमा कराता तो उसे छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जिला न्यायवादी डॉ. पंकज सैनी ने बताया कि इस मामले की पैरवी एडीए सत्येंद्र ने की है।
उन्होंने बताया कि 27 नवंबर 2019 को गांव गोंदर निवासी संदीप ने विजिलेंस थाना करनाल को शिकायत दी थी कि उसके भाई रामनाथ के नाम एक कैंटर है। जिसे 21 अक्तूबर 2019 को किसी अज्ञात व्यक्ति ने चोरी कर लिया था। इस संबंध में निसिंग थाने में मामला भी दर्ज है और इस मामले की जांच ईएसआई अशोक कुमार कर रहे हैं लेकिन वह मामले की जांच के लिए 8 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। दो हजार रुपये वह ले भी चुके हैं लेकिन बाकी छह हजार रुपये देने का दबाव बना रहे हैं। संदीप की शिकायत पर विजिलेंस की टीम ने ईएसआई अशोक कुमार को माल रोड पर छह हजार रुपये की रिश्वत के साथ रंग हाथों पकड़ लिया था। ईएसआई अशोक पधाना पुंडरी कैथल का रहने वाला है।
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ये बोले जज-
इस मामले में फैसला सुनाते हुए जज डॉ. सुशील गर्ग ने कहा कि भ्रष्ट पुलिस अफसर दो तरह के होते हैं, मांसाहारी और शाकाहारी। मांसाहारी अफसर व्यक्तिगत लाभ के लिए अपनी पुलिस शक्तियों का आक्रामकता के साथ इस्तेमाल करते हैं और दूसरे शाकाहारी अफसर केवल भुगतान स्वीकार करते हैं। पुलिस फोर्स में भ्रष्टाचार समाज को प्रभावित करता है। इसके साथ ही इससे पॉलिटिकल, इकॉनामिकल और सोशियोलॉजिकल प्रभाव भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में भ्रष्टाचार न सिर्फ लोकतांत्रिक सरकार पर खतरा है बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र और रूल ऑफ लॉ को भी प्रभावित करता है। हमारे दैनिक जीवन में बढ़ता भ्रष्टाचार सोशलिस्ट, सेक्युलर, लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ असंगत है। भ्रष्टाचार का हमारे मानवधिकार, डेवलेपमेंट, जस्टिस, स्वतंत्रता और समानता जैसे पहलुओं पर सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में यह कोर्ट की जिम्मेदारी है कि भ्रष्टाचार विरोधी कानूनों की व्याख्या की जाए और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़कर और मजबूत किया जाए।
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