- फाल्ट ढूढ़ना होगा आसान, बिजली बाधित होने की समस्या से मिलेगी निजात
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बिजली निगम की ओर से मुख्य शहर की बिजली लाइन भूमिगत करने के बाद अब दूसरे चरण में जिला सचिवालय व कोर्ट परिसर के तारों को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। इस सुविधा से बिजली बाधित होने की समस्या से भी निजात मिलेगी। हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी (एचईआरसी) के निर्देश पर सेक्टर-12 फीडर को भूमिगत करने के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया है। फीडर के अंडर ग्राउंड होने से जिला सचिवालय और कोर्ट कॉम्प्लेक्स समेत इस फीडर से चलन वाले करीब छह सरकारी विभाग के कार्यालयों में भूमिगत लाइनों से आपूर्ति होगी। इस फीडर को भूमिगत करने पर ढाई करोड़ रुपये का बजट खर्च होगा। पंचकूला मुख्यालय की ओर से इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलते ही अन्य औपचारिकताएं पूर्ण कर टेंडर लगाने का काम किया जाएगा। इस फीडर के भूमिगत होने से जिला सचिवालय, कोर्ट परिसर, नगर निगम, एलआईसी, हैफेड, आयकर विभाग, कर्मचारी भविष्य निधि व पंजाब नेशनल बैंक व केनरा बैंक की बिजली आपूर्ति की तारें भी भूमिगत होने से निर्बाध रूप से आपूर्ति मिल सकेगी।
इससे पहले जिला सचिवालय की बत्ती थोड़ा सा फाल्ट होते ही गुल हो जाती थी। निगम कर्मचारियों के तमाम प्रयासों के बावजूद यहां तारों का जाल होने के साथ-साथ लाइन लॉस की समस्या अक्सर रहती थी। वहीं इस सुविधा से 11 केवी के सेक्टर 12 फीडर की लाइनें भूमिगत होने से जहां तारों के जंजाल से निजात मिलेगी, वहीं करीब डेढ़ किलोमीटर क्षेत्र की तारें भूमिगत होने से ट्रांसफार्मर की बजाय सीएसएस (कॉम्पैक्ट सबस्टेशन) के जरिये बिजली की आपूर्ति होगी।
वर्जन
बिजली निगम की ओर से सेक्टर-12 फीडर को भूमिगत करने का निर्णय लिया गया है। इस सुविधा से जिला सचिवालय, कोर्ट परिसर समेत आस-पास के सभी सरकारी दफ्तरों को लाभ होगा। वहीं इस सुधार में ट्रांसफार्मर की जगह सीएसएस और लाइन फॉल्ट चैक करने के लिए बीच-बीच में रिंगमैन लगेंगे। इस कार्य में उच्च क्वालिटी की तार एक्सईएलपी का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए मुख्यालय में प्रपोजल गया है, स्वीकृति होते ही वहीं से टेंडर लगाया जाएगा।
- नसीब सिंह, अधीक्षक अभियंता, उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम, करनाल