संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बिजली निगम की ओर से बिल का नया स्लैब लागू करने से औद्योगिक उपभोक्ताओं के साथ-साथ अधिक लोड वाले घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। नए स्लैब के अनुसार बिल की राशि जोड़ी गई है, इसमें बिजली के बिलों में फिक्स्ड चार्ज (एफएसए) यानी फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट लगाकर भेजा गया है। इसका सीधा असर जिले के ऐसे उपभोक्ताओं पर पड़ेगा, जिनकी मासिक बिजली खपत ज्यादा है।
बिजली बिल पर एफएसए सहित नया स्लैब अप्रैल माह से लागू किया गया है उसके बाद से अबकी बार सभी बिलों में यह चार्ज लगकर आया है। बिजली निगम ने इस बार स्वीकृत भार से ज्यादा किलोवाट की बिजली इस्तेमाल करने पर अतिरिक्त सरचार्ज लगाया है। नए स्लैब के हिसाब से सभी औद्योगिक व ज्यादा स्वीकृत लोड वाले उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में फिक्स्ड चार्ज बढ़कर आए हैं। इसमें प्रति किलोवाट के अनुसार, इन सभी उपभोक्ताओं पर फिक्स्ड चार्ज लगाया गया है।
20 किलोवाट तक के मीटर का इस्तेमाल करने वाले औद्योगिक उपभोक्ताओं को 100 रुपये प्रति किलोवाट महीने के अनुसार फिक्स्ड चार्ज देना होगा। वहीं 20 से 50 किलोवाट तक के मीटर का इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं को 250 रुपये प्रति किलोवाट प्रतिमाह फिक्स्ड चार्ज देना होगा।
वहीं बिजली निगम की इस बार स्वीकृत भार से अधिक बिजली खर्च करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं पर भी अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। बिजली बिल की बढ़ी दरों से जहां व्यापार मंडल के सदस्यों ने नाराजगी जताई वहीं घरेलू बिजली उपभोक्ताओं पर बिजली निगम की ओर से अतिरिक्त सरचार्ज लगाया गया है।