करनाल। कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में इलाज के लिए पहुंचे बरसत गांव निवासी 75 वर्षीय टकरू सिंह की मौत हो गई। परिजन का आरोप है कि वे बुजुर्ग को सुबह 11:45 बजे इमरजेंसी लेकर पहुंचे थे। बेटे राकेश सिंह का आरोप है कि करीब एक घंटे तक इलाज के लिए इंतजार करते रहे। प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया। इसी दौरान टकरू सिंह ने दम तोड़ दिया।
राकेश सिंह ने बताया कि पिता को लकवे की समस्या थी। शुक्रवार सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। इमरजेंसी में काफी देर तक डॉक्टर ने नहीं देखा। जब डॉक्टर आए तो उपचार शुरू करने के बजाय कहा कि मरीज के शरीर से बदबू आ रही है, उसे दूर हटाओ। इसके बाद काफी समय निकल गया। बताया गया कि बड़े डॉक्टर आएंगे, वही मरीज को देखेंगे।
राकेश के अनुसार, इस दौरान उनके पिता की हालत लगातार बिगड़ती रही। वह परिजन से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने पंखा चलाने के लिए भी कहा था। उन्हें प्राथमिक उपचार तक नहीं दिया गया।
निदेशक बोले, जांच का विषय है मामला
मेडिकल कॉलेज के निदेशक डॉ. एमके गर्ग ने कहा कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। बुजुर्ग की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह जांच का विषय है। यदि मरीज को प्राथमिक उपचार नहीं दिया गया है तो इसकी जांच कराई जाएगी कि ऐसा क्यों हुआ।