- ईएनटी की ओपीडी में 100 में से 70 मरीज नाक, गले और कान की समस्या लेकर पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अचानक एसी से गर्म हवा में बाहर निकलना सेहत खराब कर सकता है। इससे संबंधित व्यक्ति को एलर्जिक राइनाइटिस, फैरिंजाइटिस, साइनोसाइटिस और कान में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिला नागरिक अस्पताल की ईएनटी (नाक, कान व गला) की ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं, जिसमें 70 मरीज ऐसी समस्या से परेशान हैं, जो कम तापमान से अचानक अधिक तापमान में आए हैं। ओपीडी में अप्रैल में जहां रोजाना 30 लोग आ रहे थे, मई माह में इनकी संख्या 100 के पार हो गई है।
नागरिक अस्पताल से ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि गर्मी और एसी के बीच बार-बार शरीर का तापमान बदलना सबसे बड़ी वजह बन रहा है। ऑफिस और घरों में लंबे समय तक एसी में रहने के बाद जब लोग अचानक गर्म और प्रदूषित हवा में बाहर निकलते हैं, तो शरीर का तापमान गड़बड़ा जाता है और इसका असर सीधे श्वसन तंत्र पर होता है। डॉ. जयवर्धन बताते हैं कि नाक और गले की भीतरी परतें बहुत संवेदनशील होती हैं। जब व्यक्ति अचानक ठंडे कमरे से बाहर की लू वाली हवा में आता है तो इन परतों की नमी सूख जाती है। इससे एलर्जी और वायरल संक्रमण की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। अब ये दिक्कतें सिर्फ गले तक नहीं रहीं, बल्कि कानों तक असर पहुंचा रही हैं।
ये हैं लक्षण-
डॉ. जयवर्धन ने बताया कि लोगों में नाक बहना, लगातार छींक आना, गले में खराश, निगलने में परेशानी, सिरदर्द, आंखों में जलन, कान के अंदर दबाव व हल्का दर्द, बच्चों में कान बहने और बहरापन जैसी शिकायतें भी बढ़ी हैं। ये ज्यादातर ऑफिस में एसी में काम करने वाले कर्मचारी व रोजाना स्कूल कॉलेज या कोचिंग जाने वाले जंक फूड और ठंडा गर्म सेवन करने वाले लोग और स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे और पहले से एलर्जी से ग्रसित बुजुर्गों में देखने को मिल रही है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को लगातार खांसी, गले में खराश या कान में दर्द की शिकायत हो तो उसे नजरअंदाज न करें। समय रहते डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि मौसम के इस बदलाव में मामूली लक्षण भी गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकते हैं।
बचाव के उपाय
एसी से बाहर निकलते वक्त कुछ मिनट सामान्य तापमान में खुद को ढालें।
मुंह और नाक को स्कार्फ या मास्क से ढककर बाहर निकलें।
बहुत ठंडा और बहुत गर्म खाना एक साथ न लें।
दिन में कम से कम दो बार नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करें।
घर में ताजगी बनाए रखने के लिए हवादार वातावरण रखें।