उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से करनाल में शुरू की गई ई-बिलिंग योजना दम तोड़ चुकी है। अब लोग बिल केंद्रों पर लंबी लाइने लगाकर बिल अदा करने को मजबूर है।
यमुनानगर में कंपनी ने बिल अदायगी में धांधली की है, जिस कारण कंपनी का टेंडर रद्द कर दिया गया है।
गौरतलब है कि वर्ष 2007 में हरियाणा सरकार और बिजली निगम ने हाइटेक तरीके से बिजली बिल भरने के लिए ई-बिलिंग केंद्र खोले थे। सरकार ने इस योजना का बड़े स्तर पर प्रचार किया था।
इसके लिए दिल्ली की कंपनी ट्रांजेक्शन सोल्यूशन इंटरनेशनल (टीएसआई) को ठेका दिया गया था। जिसके बाद कंपनी ने पूरे उत्तर हरियाणा बिजली निगम में ई-बिलिंग केंद्र खोले थे। कंपनी ने लोकल कर्मचारियों की भर्ती भी की थी। करनाल में सेक्टर-6, बस स्टेंड के पास, सेक्टर-13, सेक्टर -9 एसई दफ्तर सहित अन्य जगहों पर ई-बिलिंग केंद्र खोले थे।
लोगों को लंबी लाइनों से मिला था छुटकारा
इन केंद्रों से लोगों को काफी सुविधांए मिलीं थीं। बिल भरने के लिए लंबी लाइनों से छुटकारा मिला था। योजना से लोगों को काफी फायदा मिला था। कंपनी के अधिकारियों की ओर से बताया जा रहा है कि टीएसआई कंपनी ने यमुनानगर में बिलिंग केंद्रों पर बडे़ स्तर पर धांधली की है।
अब ई-बिलिंग केंद्र खत्म होने के बाद आलम यह है कि शहर के हर बिल जमा केंद्र पर लंबी-लंबी कतारें लगी हुई हैं। बिल देने के लिए कई बार लोगों में विवाद होते हैं।
सेक्टर-6 बिल केंद्र पर रामकिशन, जसवंत सिंह, रिंकू, मीना, कमलेश तथा बिमला ने बताया कि वे दो घंटे से लाइन में लगे हैं। पिछले कई वर्षों के बाद ऐसा हुआ है।
पिछले चार-पांच साल से वह आसानी से बिल भरते थे, लेकिन कड़ी धूप में उन्हें लाइनों में लगकर बिल भरना पड़ रहा है। जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है।
जुलाई में कंपनी का ठेका रदद्
बिजली निगम करनाल के एसई टीके महाजन ने बताया कि टीएसआई कंपनी ने पैसे के लेन-देन में धांधली की है। जिस कारण जुलाई 2013 से कंपनी का ठेका रद्द कर दिया गया था।
दिल्ली की कंपनी की ओर से ई-बिंलिग केंद्र चलाए जा रहे थे। धांधली करने वाले कर्मियों और अधिकारियों के खिलाफ मामले दर्ज कराए गए हैं।
बिलिंग केंद्रों पर लंबी लाइन लगने के संबंध में उन्होंने कहा कि निगम की ओर से बिलिंग सिस्टम को कंप्यूटराइज्ड किया जा रहा है। इसके लिए सेक्टर-12 से बिलिंग केंद्र की शुरूआत होगी, जिसमें टोकन सिस्टम शुरू किया जाएगा। लोगों को लाइनों के झंझट से छुटकारा मिलेगा। इंतजार के लिए लोगों को बैठने की सुविधा होगी।
इस बाद पूरे शहर में ऐसे केंद्र स्थापित किए जाएंगे।