- बढ़ रही सल्फर और मीथेन की मात्रा, पराली जलाने की घटनाओं पर रोक जरूरी
राकेश चौहान
करनाल। जिले की हवा दूषित होती जा रही है। पराली जलाने से हवा में सल्फर की मात्रा बढ़ रही है। वहीं पार्टिकल मैटर 10 व 2.5 भी हवा में घुल रहे हैं। यानी धूल के कण हवा में मिल रहे हैं और सांस लेने पर शरीर के अंदर प्रवेश कर रहे हैं। इससे अलग अन्य वस्तुओं के जलाने से मीथेन आदि गैस की मात्रा बढ़ रही है। इस कारण जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ रहा है।
10 दिनों की बात करें तो एक्यूआई 284 तक पहुंच चुका है। रविवार को एक्यूआई 215 दर्ज किया गया है। जिस तरह एक्यूआई बढ़ रहा है उसी तरह इसका असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। इसके लिए जिला प्रशासन को आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ानी होगी और उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले काले धुएं को भी रोकना होगा।
ये कार्रवाई कर चुका प्रशासन
जिला प्रशासन की ओर से अभी तक पटाखों के दो गोदामों को सील किया गया था। वहां पर जो पटाखे ग्रीन नहीं थे, उन्हें नष्ट किया गया है। इससे अलग निर्माण कार्य करने वाली दो कंपनियों को नोटिस दिया गया है। घरौंडा क्षेत्र में चिमनी से काला धुआं फेंकने वाली कंपनी के सैंपल लिए गए हैं। जिसे जांच के लिए भेजा गया है।
-
73 जगहों पर जले फसल अवशेष
वायु प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण फसल अवशेष जलाना भी है। हालांकि जिला प्रशासन फसल अवशेष जलाने को लेकर सख्त है। जिले में 15 सितंबर से अभी तक 73 जगहों पर फसल अवशेष जलाने के मामले सामने आए हैं। इनमें विभाग ने किसानों पर एक लाख 14 हजार के करीब जुर्माना लगाया है। अभी तक 25 किसानों पर मामला दर्ज किया गया है। उन्हें पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वहीं 40 से ज्यादा किसानों के चालान किए गए हैं।
यूं बढ़ता जा रहा वायु प्रदूषण
तिथि एक्यूआई
21 अक्तूबर - 107
22 अक्तूबर - 202
23 अक्तूबर - 284
24 अक्तूबर - 194
25 अक्तूबर - 264
26 अक्तूबर - 232
27 अक्तूबर - 215
-
वायु गुणवत्ता सूचकांक
0 से 50 तक अच्छा
51 से 100 तक संतोषजनक
101 से 200 तक मध्यम
201 से 300 तक खराब
301 से 400 तक ज्यादा खराब
400 से ज्यादा होने पर बेहद खराब
वर्जन
वायु प्रदूषण को कम करने के लिए जिला प्रशासन और विभाग की टीमें लगातार चेकिंग कर रही है। पटाखों के गोदामों पर भी जाकर जांच की जा रही है। नियमों की अवहेलना करने वालों पर विभाग की ओर से कार्रवाई भी की जा रही है।
- शैलेंद्र अरोड़ा, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी