माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर में हवा की सेहत लगातार चिंताजनक बनी हुई है। शुक्रवार को करनाल की हवा में धूल और धुएं के कण बढ़ने से एयर क्वालिटी इंडेक्स 291 दर्ज किया गया। जो बहुत खराब श्रेणी के करीब है। पड़ोसी जिलों की तुलना में करनाल की हवा काफी अधिक दूषित है।
कुरुक्षेत्र में एक्यूआई 228, यमुनानगर में 282 और पंचकूला में 219 रहा। विशेषज्ञों के अनुसार बढ़ता वाहन उत्सर्जन, सड़क किनारे धूल, पराली के धुएं की आवक और बदलते मौसम के कारण हवा की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी प्रदूषण चरम पर है। सोनीपत का वायु गुणवत्ता सूचकांक 308 और अंबाला का 307 रिकॉर्ड किया गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस स्तर की हवा में सांस संबंधी दिक्कतें, आंखों में जलन, खांसी, अस्थमा और हृदय रोगों का खतरा काफी बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
प्रदूषण स्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि सुबह-शाम के समय बेवजह बाहर न निकलें, मास्क का उपयोग करें और घरों व कार्यालयों में वेंटिलेशन का ध्यान रखें। वहीं, एनवायरमेंटल टीमों को निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के निर्देश जारी किए गए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24–48 घंटों में मौसम में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। प्रदूषण स्तर में स्थिरता या हल्की बढ़ोतरी के आसार हैं। शहर में यांत्रिक सफाई, पानी का छिड़काव और ट्रैफिक प्रबंधन को और सख्ती से लागू करना होगा, तभी हालात में सुधार हो सकेगा।