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रन फॉर यूनिटी के लिए दौडे़ पांच हजार लोग

Sun, 15 Dec 2013 11:29 PM IST
करनाल
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करनाल में लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के सम्मान में राजा कर्ण के शहर करनाल के पांच हजार से अधिक लोगों ने रन फॉर यूनिटी और रन फॉर इंडिया के लिए दौड़ लगाई।
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दौड़ से पूर्व भाजपा के राज्य अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा ने शंखनाद करने के साथ कहा कि यह दौड़ प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र भाई मोदी के संदेश पर पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए लगाई गई है। देश को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने वाले सरदार वल्लभ भाई पटेल की गुजरात के वडोदरा में बनने वाली 183 मीटर ऊंची प्रतिमा दुनिया का आठवां अजूबा होगी।

उन्होंने कहा कि वल्लभ भाई पटेल के नाम पर पूरे देश के करोड़ों लोगों का एक साथ दौड़ना सामान्य बात नहीं है। यह दौड़ बेनजीर भुट्टो के कश्मीर के बिना पाकिस्तान अधूरा की बात का जवाब देगी। अब भारत के लोग कह रहे है पाकिस्तान के बिना हिंदुस्तान अधूरा है।
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प्रो. रामबिलास शर्मा ने कहा कि देशभर के तमाम गांवों से लोहा लिया जा रहा है। सरदार पटेल ने रजवाड़ों की 565 रियासतों को अंग्रेजी शासन में एक करने का काम किया था। अब वल्लभ भाई पटेल के नाम पर नरेंद्र भाई मोदी पूरे देश को एक कर रहे हैं। 31 अक्तूबर 2014 को इस प्रतिमा का उद्घाटन नरेंद्र भाई मोदी और लालकृष्ण आडवाणी करेंगे। इससे पूर्व दिल्ली के लाल किले पर नरेंद्र भाई मोदी प्रधानमंत्री के तौर पर तिरंगा फहरा चुके होंगे। आज के दिन देश में करोड़ों लोग एक साथ दौडे़ हैं।

प्रो. रामबिलास ने कहा कि करनाल के उद्योगपति रूप नारायण चानना ने पंजाबी में कहा कि ‘शर्मा जी हुण लगदा है पाकिस्तान दे साडा घरां विच दबे माल दे टोकने कढ़ण वास्ते जाना पऊगा।’ मौके पर पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी, भाजपा के नेता वीरेंद्र मराठा, पूर्व मंत्री शशिपाल मेहता, जिलाध्यक्ष अशोक सुखीजा, हजकां के जिलाध्यक्ष पवन शाहपुर, लोकसभा के चुनाव के लिए दावेदारी करने वाले एडवोकेट वेदपाल, पूर्व भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट जंगबहादुर चौहान, जयपाल शर्मा मौजूद रहे।

दुनिया का आठवां अजूबा होगी स्टेच्यू ऑफ यूनिटी
रन फॉर यूनिटी दौड़ के दौरान पूरे शहर में मेले सा उत्सव बना रहा। पूर्व केंद्रीय गृह राज्य मंत्री आईडी स्वामी ने दौड़ के लिए हरी झंडी दिखाई। प्रो. रामबिलास शर्मा ने तिरंगे के तौर पर भारत का नक्शानुमा गुब्बारे आसमान में छोडे़। दौड़ में जिले की सभी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

दौड़ पांच हजार लोगों के साथ पुरानी अनाज मंडी से प्रारंभ होकर मीराघाटी चौक से होते हुए ओल्ड जीटी रोड के रास्ते वापस पुरानी अनाज मंडी में पहुंची। दौड़ने वाले लोगों की सुविधा के लिए हर चौक चौराहे पर पुलिस बल तैनात रहा। शहर के लोगोें को दौड़ से ही झलक रहा था कि जैसे ही करनाल में कोई खास उत्सव मन रहा है। ट्रैफिक के रास्ते तक बदलने पडे़।

इससे पूर्व एडवोकेट जंग बहादुर चौहान ने मंच संचालन किया। पुरानी अनाज मंडी के खुले मैदान में उमड़ी लोगों की भीड़ ने ही बता दिया कि लोग वल्लभभाई पटेल और नरेंद्र मोदी के दीवाने है। एडवोकेट वेदपाल ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल के यह कार्यक्रम 15 दिसंबर से शुरू होकर 26 जनवरी तक चलेगा। नरेंद्र मोदी का यह सपना अब भारत के जन-जन का अपना होगा।

भारत में गुजरात में सरदार सरोवर बांध पर लौहपुरुष सरदार पटेल की संसार की सबसे ऊंची प्रतिमा बनेगी, जो अमेरिका के स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी से दोगुनी ऊंची होगी और यह विश्व का आठवां अजूबा होगी। सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, जेआर कालड़ा और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के प्रदेश महामंत्री सुशील शर्मा, सतीश गोयल, रूप नारायण चांदना ने भी संबोधित किया।

मौके पर जगदेव पाढ़ा, उमेश चानना, सतीश राणा, डॉ. बूटी राम, धर्मपाल शांडिल्य, बालकिशन शर्मा, कृष्ण गर्ग, अमरनाथ सौदा, भगवान दास कबीरपंथी, कृष्ण दत्त, जसबीर बाहरी, कुलदीप शर्मा, प्रवीण लाठर मुख्य रूप से मौजूद रहे।

पटेल ने पूरे भारत को किया एक
करनाल में विशाल अखंड भारत की कल्पना बिना सरदार वल्लभ भाई पटेल के बिना पूरी नहीं हो पाती। सरदार पटेल एक ऐसे इंसान थे, जिन्होंने देश के छोटे-छोटे रजवाड़ों और राजघरानों को एक कर भारत में सम्मिलित किया। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की जब भी बात होती है तो सरदार पटेल का नाम सबसे पहले लिया जाता है।

यह विचार अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति के राष्ट्रीय चेयरमैन नरेंद्र अरोड़ा ने लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 63वीं पुण्यतिथि पर आयोजित यादगार सभा में व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि उनकी दृढ़ इच्छा शक्ति और नेतृत्व कौशल का ही कमाल था कि कि 600 देशी रियासतों का भारतीय संघ में विलय कर सके।

आज हमारा समाज ऐसे ही लौह पुरुष की तलाश में है, जो समाज में किसी भी कीमत पर एकता लाने में सफल हो, फिर से समाज को वल्लभभाई पटेल जैसे विचारों वाले नेताओं की आवश्यकता है और वल्लभ भाई पटेल सरीखे स्वतंत्रता सेनानियों के विचारों पर चलकर ही देश का कल्याण हो सकता है।

अब वो दिन दूर नहीं, जब शहीदों के सपनों का भारत बनेगा। अखिल भारतीय प्रतिमा रक्षा सम्मान समिति ने रविवार को पटेल मार्केट स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा के समक्ष लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की पुण्यतिथि पर यादगार सभा का आयोजन किया।

यादगार सभा के आरंभ में उपस्थित सभी देशभक्तों ने सरदार पटेल की प्रतिमा पर पुष्पमालाएं भेंट कीं। यादगार सभा की अध्यक्षता समिति के संरक्षक प्रो. डॉ. कृष्ण अरोड़ा व राष्ट्रीय महासचिव महेश शर्मा ने की। यादगार सभा को नरेंद्र अरोड़ा, कृष्ण अरोड़ा, प्राणनाथ गोयल ने संबोधित किया। मौके पर डॉ. कृष्ण अरोड़ा ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल को लौहपुरुष का दर्जा प्राप्त था, उनके द्वारा किए गए साहसिक कार्यों की वजह से लौहपुरुष और सरदार जैसे विशेषणों से नवाजा गया।

प्राणनाथ गोयल ने कहा कि लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल का योगदान कभी नहीं भुलाया जा सकता। मौके पर रामरत्न अत्री, इंदुलेखा शर्मा, निर्मल फूले, कांता शर्मा, महेश अग्गी, संजय वर्मा, रोहताश कश्यप, अमन सिंह लुभाणा, रेहतु लाल सैनी, कैलाश शर्मा, श्याम सुंदर मदान, जितेंद्र चोपड़ा, सुशील, राकेश अरोड़ा, काका राम सैनी, सुशील राणा उपस्थित थे। 
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