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भ्रष्टाचार में संलिप्त लाइनमैन, पटवारी, कानूनगो के बाद अब डीटीपी गिरफ्तार

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करनाल। प्रदेश सरकार के भ्रष्टाचार मुक्त शासन के दावों के बावजूद कुछ सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों के दामन पर भ्रष्टाचार के दाग लग रहे हैं। पिछले छह माह में हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की ओर से छह सरकारी अधिकारी और कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई हुई है। इनमें बिजली निगम का लाइनमैन, कानूनगो से लेकर पटवारी तक शामिल हैं। अब डीटीपी (जिला नगर योजनाकार) भी हरियाणा स्टेट विजिलेंस ब्यूरो के हत्थे चढ़ा है। आरोपी डीटीपी करनाल में चार साल से तैनात है। नौ मार्च 2018 में उसकी करनाल में नियुक्ति हुई थी। इससे पहले वह पंचकूला में ईटीपी था, प्रमोशन के बाद उसकी डीटीपी के रूप में पहली पोस्टिंग करनाल में हुई थी।
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महिला पटवारी, कानूनगो और दलाल ने मांगे रुपये
गांव भूसली के सुखबीर की शिकायत पर 11 अगस्त 2021 को विजिलेंस ने एक महिला पटवारी, कानूनगो और दलाल को पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। शिकायतकर्ता ने अपनी जमीन का निरीक्षण करने के लिए आवेदन किया था ताकि उस पर की जाने वाली कास्त व कास्तकारों का पता चले। महिला पटवारी उनका काम लटकाती रही। इससे वे दलाल के संपर्क में आए। दलाल रिकॉर्ड लेकर पटवारी की जगह निरीक्षण करने पहुंच गया, जहां उनके साथ दूसरे ग्रामीण क्षेत्र के कानूनगो भी पहुंचे। वहां नियमानुसार केवल खेत का निरीक्षण करके रिपोर्ट बनाने के लिए रुपये मांगे थे।
जेई का कार्यभार संभाल रहे लाइनमैन ने मांगे थे रुपये
निसिंग के गांव बालू के पूर्व सरपंच से जनस्वास्थ्य विभाग के ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर बदलने की एवज में लाइनमैन ने रिश्वत मांगी थी। 27 जनवरी 2022 को पांच हजार की रिश्वत लेते विजिलेंस ने लाइनमैन को पकड़ा था। मामले के अनुसार ट्यूबवेल का ट्रांसफार्मर 23 जनवरी को जल गया था, जिसे बदला जाना था। जेई का कार्यभार संभाल रहे लाइनमैन ने इसकी एवज में रुपये मांगे थे।
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जमीन का रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए पटवारी ने कटवाए चक्कर
25 नवंबर 2021 को इंद्री में पटवारी को जमीन के रिकॉर्ड में गलत एंट्री को दुरुस्त करने की एवज में चार हजार रुपये रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने रंगे हाथों काबू किया था। पटवारी बीबीपुर ब्राह्मणान निवासी राजेश को इस काम के लिए कई दिन से चक्कर कटवा रहा था। मामले के अनुसार, पीड़ित ने तहसीलदार को रिकॉर्ड दुरुस्त करवाने संबंधी शिकायत दी थी। जिसे तहसीलदार ने पटवारी को मार्क कर दिया था लेकिन पटवारी ने इसे लटकाए रखा।
पुलिसकर्मी का भी वीडियो हुआ था वायरल
करनाल में कुछ समय पहले पुलिस के उप निरीक्षक का मुकदमा दर्ज करने की एवज में रिश्वत लेते एक वीडियो वायरल हुआ था। आरोपी वीडियो में मुकदमा दर्ज करने की एवज में 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते दिखा था। मामले में पुलिस की विभागीय जांच चल रही है। सोशल मीडिया पर यह वीडियो खूब वायरल हुआ।
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