संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सीआईए वन पर लगे 50 लाख रुपये बांटने के मामले में डीएसपी ने जांच शुरु कर दी है। इस मामले में सीआईए स्टाफ के सभी सदस्यों के बयान दर्ज किए गए है। इससे अलग सीआईए में आए मामलों की भी जांच की जा रही है। वहीं आरोप लगाने वाली महिला के भी बयान दर्ज किए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि एक महिला ने सीआईए में तैनात अपने एसआई पति पर दुष्कर्म करने व गर्भपात कराने के आरोप लगाए थे। इसकी शिकायत पुलिस को दी थी। सदर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया था। इस शिकायत में महिला अपने आरोप लगाए हुए हैं कि एसआई ने पहले उसके साथ दुष्कर्म किया है और उसे शादी करने का झांसा दिया।
जब आरोपी एसआई ने शादी करने से मना किया तो उसने उसकी शिकायत पुलिस को दी। मामला दर्ज न हो इससे बचने के लिए उसने उससे शादी कर ली। इस दौरान वह गर्भवती हो गई तो आरोपी ने पहले उसे एक प्राइवेट अस्पताल से एमटीपी किट लाकर दी ताकि उसका गर्भपात हो जाए। इसके बाद जब उसकी तबीयत बिगड़ गई तो उसका एक अस्पताल में गर्भपात कराया।
इसके साथ ही महिला ने आरोप लगाए है कि एसआई एक भ्रष्ट पुलिस अधिकारी है। सीआईए में रहते हुए उनके पास किसी केस के 50 लाख रुपये आए थे। इनमें से 10 लाख रुपये उसके पति को मिले थे। इस बारे में उसके पति ने ही उसे बताया था। इस तरह के कई आरोप महिला ने शिकायत में लगाए हैं। इस शिकायत पर एसपी गंगाराम पूनिया ने सीआईए में आए 50 लाख रुपये के मामले की जांच डीएसपी को सौंपी है।
मामले की गंभीरता से जांच कराई जा रही है। डीएसपी ने जांच शुरू कर दी है। जांच रिपोर्ट में दोषी मिलने वाले पुलिस कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक करनाल।