- आरपीएफ ने स्टेशन के बाहर अतिक्रमण कर नशा बेचने वाली दुकानों को हटाने के लिए दी शिकायत
- नगर निगम ने नहीं की कार्रवाई, प्रशासन ने भी नहीं लिया संज्ञान
जितेंद्र नरवाल
करनाल। शहर में नगर निगम और प्रशासन की लापरवाही से नशे का कारोबार चल रहा है। यह नशा रेलवे स्टेशन परिसर के बाहर अतिक्रमण कर बनाई कुछ छोटी दुकानों पर खुलेआम बिकता देखा जा सकता है। इनके खिलाफ न तो आज तक नगर निगम की ओर से अतिक्रमण को लेकर कार्रवाई हो पाई, न ही शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लिया है। जबकि आरपीएफ अधिकारी का दावा है कि इस मामले को प्रशासन के संज्ञान में डाल चुके हैं। स्टेशन के बाहर नशेड़ियों की वजह से आम लोगों का आना-जाना मुश्किल हो रहा है।
हालांकि स्टेशन परिसर को नशा मुक्त करने में आरपीएफ प्रयासरत है, लेकिन स्टेशन परिसर के बाहर से ऐसी दुकानों को नहीं हटाया जा सका जो नशा बेच रहे हैं। आरपीएफ के अनुसार जब उसने इनको हटाने का प्रयास किया तो नशा बेचते दुकानदारों ने विरोध किया कि ये आरपीएफ या जीआरपी के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। चूंकि उनकी दुकानें स्टेशन के बाहर बनाई गई हैं।
आरपीएफ ने इसकी जानकारी नगर निगम और प्रशासन को भी दी, लेकिन शहर भर में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने वाले नगर निगम ने इन दुकानों पर कार्रवाई नहीं की। आरपीएफ ने प्रशासन को भी शिकायत भेजी, लेकिन अब तक इस पर संज्ञान नहीं लिया जा सका है। जिला प्रशासन और नगर निगम ने जब इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो इस पर मंडल आयुक्त ने संज्ञान लिया है। मंडलायुक्त ने कहा कि अब इस पर वे संज्ञान लेंगे। किसी भी सूरत में नशा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ब्लॉक तक में कार्रवाई, लेकिन शहर में सिर्फ औपचारिकता
अतिक्रमण के खिलाफ जिले के ब्लॉक स्तर पर तो कार्रवाई होती है, लेकिन शहर के अधिकारी औपचारिकता पूरी करते हैं। असंध में एसडीएम खुद अतिक्रमण के खिलाफ सख्त हैं। धरातल पर कार्रवाई करा रहे हैं। नीलोखेड़ी नगर पालिका की ओर से भी अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया है, लेकिन शहर में नगर निगम के अधिकारी केवल औपचारिकताओं में जुटे हैं। यहां तक कि खुद डीसी भी सड़क सुरक्षा सप्ताह की बैठकों में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करने और अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन इसका असर धरातल पर नशा बेचने वाली दुकानों पर पर भी नहीं हो सका। दूसरी ओर नशे के खिलाफ जागरूकता चलाने का अभियान भी औपचारिकता ही है। जबकि जहां नशा बिकता है वहां कार्रवाई ही नहीं हो पाती।
आरपीएफ भी नशे के खिलाफ है और लोगों को जागरूक करने का काम करती है। हम नशेड़ियों को स्टेशन परिसर के अंदर तक घुसने नहीं देते, लेकिन स्टेशन के बाहर कुछ लोग छोटी चार दुकानें लगाकर नशा बेचते हैं। इनको हटाने का भी प्रयास किया, लेकिन ये कहते हैं कि इनकी दुकानें स्टेशन परिसर से बाहर हैं, जो हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसलिए इनके खिलाफ कार्रवाई करने को लेकर प्रशासन को लिखा गया है।
सुरेंद्र कुमार, प्रभारी, आरपीएफ
अब ये मामला मेरे संज्ञान में आ गया है। नशा बिक्री बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निगम-प्रशासन ने भले ही यहां कार्रवाई न की हो, अब हम यहां कार्रवाई करेंगे।
राजीव रत्न, मंडल आयुक्त, करनाल