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Karnal News: नशेड़ी लोगों और विद्यार्थियों की होगी पहचान, नहर किनारों से उखाड़ेंगे भांग के पौधे

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जिला स्तरीय एनकॉर्ड की बैठक को संबोधित करती नगराधीश मोनीका। प्रवक्ता
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। जिले को नशामुक्त बनाने के लिए प्रशासन की ओर से प्रयास किए जाएंगे। नशा, नशीली दवाओं और इनमें लिप्त लोगों पर कार्रवाई के साथ नहर किनारों से भांग के पौधे तक उखाड़े जाएंगे। नशेड़ी लोगों और विद्यार्थियों की पहचान की जाएगी। नशे पर न्यायालय में विचाराधीन मामलों में संलिप्त लोगों को सजा दिलाने के लिए कड़ी पैरवी की जाएगी। अब तक पुलिस प्रशासन की ओर से नशे में संलिप्त 75 लोगों की पहचान की जा चुकी है।
नशे के खिलाफ अभियान चलाने और इसकी तैयारियों को लेकर शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में जिला स्तरीय एनकॉर्ड की बैठक हुई। इसकी अध्यक्षता करते हुए नगराधीश मोनिका ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, औषधि विभाग, उच्चतर शिक्षा विभाग, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को सख्ती से जीरो टॉलरेंस पर काम करने के आदेश दिए। अमर उजाला ने इसे लेकर 21 से 26 नवंबर तक प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए।
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नगराधीश ने जिला शिक्षा अधिकारी रोहताश वर्मा को निर्देश दिए कि नशा मुक्त अभियान के तहत जिले में संचालित सभी शैक्षणिक संस्थानों में नशे की रोकथाम के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं और स्कूल में पढ़ रहे बच्चों को इसके दुष्प्रभावों के बारे अवगत करवाएं। अगर किसी बच्चे के पास नशीला पदार्थ पाया जाता है तो इसकी सूचना उसके माता-पिता को दें और उस बच्चे को उचित काउंसलिंग दिलाई जाए। उच्चतर शिक्षा विभाग की अधिकारी डॉ. अनिता जून को निर्देश दिए कि वे स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर शैक्षणिक संस्थानों में नशे से ग्रसित विद्यार्थियों की पहचान करें और उनकी नशा करने की लत को छुड़वाने के लिए उचित काउंसिलिंग प्रदान करें।
दुकान, क्लब और आहाता जांचेगी पुलिस
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी नशा मुक्ति केंद्रों की संयुक्त जांच की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग के अधिकारियों तथा जिला सह न्यायवादी को निर्देश देते हुए कहा कि एनडीपीएस एक्ट 1985 के तहत दर्ज किए गए केसों और जब्त की गई नशे की सामग्री की विस्तृत रिपोर्ट, कुल विचाराधीन मामलों की पूर्ण रिपोर्ट बनाकर बैठक में प्रस्तुत करें। पुलिस विभाग को निर्देश देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों के नजदीक दुकानों, क्लबों और अहातों में जांच की जाए और नशा पाए जाने पर उनके खिलाफ उचित कार्यवाही की जाए। औषधि नियंत्रण अधिकारी रितु मेहला को निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी केमिस्ट की दुकानों का समय समय पर निरीक्षण करें और नशा या नशीली दवाई पाए जाने पर उचित कार्यवाही करें।
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13 मामले निपटाए

एडीए मनमोहन जगत ने बताया कि गत माह एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मुकद्दमों में से न्यायालय द्वारा 13 केसों का डिस्पोज हुआ है। जिनमें सात लोग दोषमुक्त हुए हैं, इनमें से 2 केसों में फिट फॉर अपील की जा रही है। इसके अलावा एनडीपीएस एक्ट के तहत न्यायालय 898 मामले विचाराधीन है जो विभिन्न स्टेज पर हैं। हर अपराधी को सजा मिले इसके लिए ठोस तरीके से इनकी पैरवी की जा रही है। एएसपी कांची सिंघल ने बताया कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में पुलिस प्रशासन प्रत्येक विभाग के साथ है और नशे के खिलाफ सख्त है। जिला में नशे का कारोबार करने वाले और नशे के आदि लोगों की पहचान की जा रही है। अब तक 75 लोगों का डाटा पुलिस के पास है। ऐसे लोग जो इस अनैतिक कार्य में संलिप्त है, पुलिस प्रशासन इनसे सख्ती से निपटेगा।
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