- मंडियों में आवक बढ़ी पर खरीद के बाद भी नहीं हुआ आधे गेहूं का उठान, किसान परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पश्चिमी विक्षोभ एक बार फिर सक्रिय होने से शुक्रवार की शाम को अंधड़ के साथ बूंदाबांदी हुई जिससे मंडियों में पड़ा गेहूं बीग गया। अंधड़ से खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं। करनाल की नई अनाज मंडी में शेड से बाहर पड़े गेहूं को तिरपाल से ढकने का प्रयास किया गया। जबकि मूनक और अन्य जगहों पर भी खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। इससे किसानों के माथे पर एक बार फिर चिंता की लकीरें खींच गई हैं। वहीं, पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से बिजली गुल हो गई।
इधर, हालात यह हैं कि जिले की सभी मंडियां गेहूं से अटी हैं। आवक बढ़ने और धीमे उठान के कारण अब मंडियों में खाली जगह नहीं बची है। जितने गेहूं की बिक्री हो चुकी है, खरीद एजेंसियों की ओर से उसमें से आधे गेहूं का भी उठान नहीं कराया गया है। ऐसे में व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मंडियों के बाहर किसानों की ट्रॉलियों की लाइन लगना शुरू हो गया है।
हालात यह हैं कि निसिंग की मंडी में गेहूं बाहर है। नीलोखेड़ी में मंडी फुल होने के बाद यहां सरकारी प्रेस के बरामदे और मैदान में गेहूं डालना किसानों ने शुरू कर दिया है। इसके अलावा कुंजपुरा की अनाज मंडी में जगह न बचने पर शुक्रवार को आवक बंद करनी पड़ी। यहां शुक्रवार को केवल खरीद और उठान संबंधित ही कार्य हुआ।
आंकड़ों पर निगाह डालें तो जिले में अब तक करीब 6.13 लाख मीट्रिक टन गेहूं की आवक विभिन्न परचेज सेंटरों व मंडियों में हुई है। जिसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा 321208 मीट्रिक टन, हैफेड द्वारा 225075 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयर हाउसिंग द्वारा 14297 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया। उपायुक्त उत्तम सिंह ने तीनों एजेंसियों को मंडियों से गेहूं उठान तुरंत करवाने के आदेश दिए हैं।
मंत्री ने खराब मौसम को देख व्यवस्था के दिए निर्देश
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शुक्रवार को नीलोखेड़ी की अनाज मंडी का दौरा किया। उन्होंने व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को अगले दो दिनों तक खराब रहने वाले मौसम को देखते हुए पहले से इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से भी बातचीत की और कहा कि गेहूं की खरीद से संबंधित आपको किसी प्रकार की समस्याएं नहीं आने दी जाएगी।
किसान बोले- अव्यवस्था के कारण भीगा गेहूं
मूनक। किसानों की गेहूं की कटाई हो चुकी है परंतु मंडी में लिफ्टिंग न होने के कारण मंडी कट्टों से भरी भरी है। कई किसानों की बिना तुलाई के गेहूं की ढेरी पड़ी हैं। शुक्रवार शाम को करीब साढ़े सात बजे हुई बारिश से मंडी में पड़ी गेहूं भीग गई है। किसान राजन, महेंद्र, जगदीश, दिनेश, रमेश, सुभाष, महावीर का कहना है कि अगर लिफ्टिंग होती रहे तो किसानों का गेहूं भीगने से बच जाता। संवाद