संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल/कलायत। जिले में शुक्रवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली। दिनभर आसमान में बादलों का डेरा छाया रहा, जिससे सूरज की तपिश कम रही। शाम होते-होते ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। जहां शहरवासी इस बदलाव का आनंद लेते नजर आए, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बादलों की आवाजाही और बूंदाबांदी के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 19 डिग्री सेल्सियस रहा। ठंडी हवाओं के चलते रात में हल्की सिहरन भी महसूस की गई।
पकी फसल पर संकट, कटाई कार्य प्रभावित : इस समय खेतों में गेहूं और सरसों की फसल पककर तैयार खड़ी है और कटाई का कार्य जोरों पर है। ऐसे में हल्की बारिश भी किसानों के लिए चिंता का कारण बन गई है।
कलायत क्षेत्र में शुक्रवार सायंकाल हुई बारिश से गेहूं की कटाई प्रभावित हो गई। बारिश के कारण फसल भीग गई, जिससे कटाई कार्य में बाधा आई है। किसान जिले सिंह, सुरेंद्र सिंह और रमेश कुमार ने बताया कि उनकी फसल पूरी तरह कटाई के लिए तैयार थी, लेकिन बारिश से भीग गई। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि तेज हवाएं नहीं चलीं, अन्यथा फसल गिरने से अधिक नुकसान हो सकता था।
किसानों के अनुसार यदि मौसम और बिगड़ता है या ओलावृष्टि होती है, तो फसल जमीन पर गिर सकती है, जिससे दाने काले पड़ने, गुणवत्ता खराब होने और पैदावार घटने का खतरा बढ़ जाएगा। वहीं कटाई के बाद खुले में रखी फसल के भीगने की आशंका भी बनी हुई है।
हालांकि अनाज मंडी में फिलहाल गेहूं की आवक नहीं होने से तत्काल नुकसान से कुछ राहत जरूर है। शुक्रवार को सरसों की फसल मंडी में आई थी, जिसे उसी दिन खरीद लिया गया।
9 तक मौसम खराब रहने के आसार
मौसम विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र वर्मा के अनुसार आगामी दिनों में मौसम सामान्य नहीं रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 9 अप्रैल तक बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। इस दौरान तापमान 18 से 32 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। मौसम की इस स्थिति के चलते गेहूं की कटाई और प्रभावित हो सकती है, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
बूंदाबांदी के बीच करनाल रोड स गुजरते वाहन। संवाद