सुभाष कॉलोनी में दूषित पेयजल सप्लाई से हाहाकार, 25 घरों में पिछले 10 दिन से आ रहा गंदा पानी , लोगों ने गंदे पानी की बोतल भर जताया रोष
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत में हालात बेहद बदतर हैं। सुभाष कॉलोनी की गली नंबर एक में पिछले 10 दिन से 25 से अधिक घरों में गंदा व बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। खास बात यह है कि यही कॉलोनी करनाल की मेयर का भी निवास स्थान है, बावजूद इसके नगर निगम इस गंभीर समस्या का समाधान नहीं कर पा रहा।
कॉलोनीवासी गगन ने बताया कि सीवर लाइन ओवरफ्लो होकर पेयजल पाइपलाइन में मिल रही है। इसी वजह से घरों तक पहुंच रहा पानी बदबूदार और दूषित है। आरओ लगाने के बावजूद पानी की बदबू खत्म नहीं हो रही। इसे पीने से लोग बीमार पड़ रहे हैं। नगर निगम को कई बार शिकायत दी गई, कर्मचारी मौके पर भी पहुंचे लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कॉलोनी निवासी अरुण भाटिया ने बताया कि करीब एक माह पहले यहां नई पाइपलाइन बिछाई गई थी, लेकिन फिर भी गंदे पानी की समस्या खत्म नहीं हुई। सीवर का पानी सड़क पर भी ओवरफ्लो होकर जमा हो रहा है, जिससे मच्छर जनित बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है।
सुमन ने बताया कि इस पानी को न तो पीने लायक छोड़ा जा सकता है, न नहाने और न ही रोजमर्रा की किसी जरूरत में इस्तेमाल किया जा सकता है। वहीं, सुदेश शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि करनाल को स्मार्ट सिटी कहा जाता है, लेकिन यहां हालात गांव से भी बदतर हैं। सफाई व्यवस्था भी चरमराई हुई है। कुछ दिन पहले तो यहां से सांप तक निकल आया था।
कॉलोनीवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे सामूहिक तौर पर विरोध दर्ज कराएंगे। लोगों का कहना है कि जब मेयर की अपनी कॉलोनी में हालात ऐसे हैं तो बाकी शहर की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
कॉलोनी के लोगों का कहना है कि उन्होंने स्थानीय पार्षद मोनिक गर्ग को भी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ।
सीवर होता ओवरफ्लो। यहीं से पेयजल पाइपलाइन में मिलता है गंदा पानी