नरसी विलेज के लोगों को पिछले तीन दिनों से पेयजल नहीं मिल रहा है। इससे स्थानीय लोगों में रोष है। इसके चलते नरसी विलेज वासी शनिवार को उपायुक्त से मिले और अपनी समस्या के बारे में बातचीत की। लोगों का कहना है कि एक सितंबर से नरसी विलेज में कंपनी द्वारा पानी की सप्लाई बंद कर दी गई है। इस कारण लोगों को अपनी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बाहर से पानी लाना पड़ रहा है।
नरसी विलेज को एक प्राइवेट कंपनी ने बनाया था और 9 अगस्त को नगर निगम ने इसे अपने अधिकार क्षेत्र में ले लिया था। इस कारण से कंपनी ने एक सितंबर को नोटिस लगाकर नरसी विलेज के पानी की सप्लाई बंद कर दी। लोगों ने जब इस बारे में निगम से बात की तो निगम स्थानीय निवासियों को कंपनी की तरफ से ईडीसी क्लीयरेंस की कॉपी लाने की बात कही। स्थानीय निवासी ईलम सिंह पूर्व जिला संगठन महामंत्री के नेतृत्व में उपायुक्त मंदीप सिंह बराड़ से मिले और अपनी समस्या से अवगत करवाया। जिस पर उपायुक्त ने कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर निगम आयुक्त आदित्य दहिया को पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए।
आयुक्त ने तुरंत एक्सईएन महिपाल को भेजकर जनरेटर के माध्यम से पानी की सप्लाई करवाई। उपायुक्त ने आश्वासन दिया कि आपातकालीन तौर पर उनके लिए पानी की व्यवस्था की जाएगी। उपायुक्त से मिलने गए लोगों में कर्ण सिंह, रमनदीप, हर्ष, हरि राम कांबोज, विपुल, कृष्ण कटियाल आदि मौजूद रहे।
पेयजल को तरस रहे आर्य पुत्री पाठशाला की कन्याएं
करनाल। न्यू रमेश नगर स्थित आर्य पुत्री पाठशाला में पानी की सप्लाई न होने के कारण पाठशाला की छात्राओं को परेशानी हो रही है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा दो माह पूर्व इस एरिया में पानी की पाइप दबाई गई थी, कई जगह पाइप ऊंचाई पर होने के कारण पाठशाला सहित कई अन्य घरों में पानी नहीं पहुंच पाता। पाठशाला व आर्य समाज मंदिर के सेकेट्री अमर सिंह ने बताया कि पानी न आने से आस पास से पानी लाने के मजबूर है। इसलिए प्रशासन को पानी की उचित व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए