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Karnal News: सही मात्रा और उचित समय पर पीएं चाय, नहीं होगा नुकसान

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- अंतरराष्ट्रीय चाय दिवस आज
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- आहार विशेषज्ञ ने कहा- ग्रीन टी और हर्बल टी जैसे विकल्प शरीर को डिटॉक्स करने में मिली है मदद
मानसी मौर्य

करनाल। चाय हर घर की जरूरत है। अधिकतर घरों में लोग इससे ही दिन की शुरुआत करते हैं मगर समय के साथ चाय का स्वाद बदला है, अब कई फ्लेवर में अलग-अलग तरह की चाय मिलने लगी है। चिकित्सकों की मानें तो चाय यदि सही मात्रा में और सही समय पर पीएं तो वह सेहत के लिए अच्छी है। वहीं आज के दौर में युवा टी स्टार्टअप शुरू करके चाय बेच रहे हैं, जिसमें कई जड़ी बूटियों से आयुर्वेदिक चाय परोसी जा रही हैं। इससे रोजगार के साथ-साथ चाय का स्वाद भी बदला है।
चाय की कई किस्में बाजार में मौजूद हैं। इनमें ग्रीन टी, ब्लैक टी, हर्बल टी, लेमन टी, लैवेंडर टी, ग्रास टी, तुलसी टी, मसाला चाय, इलायची चाय आदि। ये न केवल स्वाद में अलग हैं बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी अलग-अलग लाभ देती हैं। वहीं, शहर में ऐसी दुकानें भी हैं जो कई सालों से चाय का व्यापार कर रहे हैं। समय के साथ चाय का स्वाद और रूप भी बदल गया है।
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चाय पत्ती के थोक विक्रेता विवेक जैन ने बताया कि उनके यहां असम, कोलकाता, गोहाटी और सिलीगुड़ी से चाय मंगाई जाती है। सबसे ज्यादा ग्राहक असम और दार्जलिंग की चाय पसंद करते हैं। असम से आने वाली चाय आकार में छोटी होती है और रंग अधिक छोड़ती है और दार्जलिंग की चाय पत्ती आकार में लंबी होती है जिसमें हल्की फूलों की खुशबू आती है।



आयुर्वेदिक चाय करा रहे उपलब्ध

आदियोगी स्टार्टअप के मालिक आदित्य ने बताया कि बढ़ती चाय की मांग को देखते हुए और अच्छे स्वास्थ्य के लिए स्टार्टअप की शुरुआत की। सामान्य चाय में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। जैसे अधिक चीनी या रसायनमुक्त चायपत्ती। इसी सोच के साथ उन्होंने आयुर-टी ब्रांड के नाम से हर्बल टी लॉन्च की, जिसमें खास मसाला चाय का निर्माण किया गया है। आदित्य बताते हैं कि इस चाय में उत्तर भारत से विशेष प्रकार की जड़ी-बूटियों को समाहित किया गया है। इनमें 14 से 15 प्रकार के रसोईघर में पाए जाने वाले इंग्रेडिएंट्स जैसे मुलेठी, सौंफ, इलायची, काला नमक, काली मिर्च, जीरा और तुलसी आदि शामिल हैं। यह न केवल स्वाद में बेहतर है बल्कि पाचन में सुधार, सर्दी में खांसी और बुखार में राहत और शरीर को ऊर्जावान बनाए रखने में मददगार है। उन्होंने बताया कि शुरू में 60-70 कप बिकते थे अब 250 से 300 कप बिक रहे हैं।

40 साल से असम टी ब्रांड से बना रहे चाय

ओम प्रकाश की स्पेशल चाय मशहूर है। वह 40 साल से चाय बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि चाय की दुकान 1984 में शुरू की थी। दूध, चीनी और चाय पत्ती से बनी चाय की डिमांड हमेशा रहती है जिसे लोग सबसे ज्यादा पसंद करते हैं। वह असम टी ब्रांड की चाय पत्ती से चाय बनाते हैं जिसके लिए बड़ी संख्या में लोग चाय पीने आते हैं। उन्होंने बताया कि उनकी रोजाना करीब एक हजार रुपये की आमदनी है।



सबसे ज्यादा युवा कुल्हड़ चाय के शौकिन

दुकानदार विवेक सोबती ने बताया कि वह स्पेशल कुल्हड़ वाली चाय बनाते हैं। जिससे चाय का स्वाद और निखरता है। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में सबसे ज्यादा युवा और कामकाजी लोग आते हैं। चाय में इलायची, गुड़, गुलाब, मसाला चाय जैसी वैरायटी देते हैं।
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अधिक चीनी वाली चाय से करें परहेज

आहार विशेषज्ञ वंदना ने बताया कि चाय अगर सीमित मात्रा में ली जाए तो यह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हो सकती है। ग्रीन टी और हर्बल टी जैसे विकल्प शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करते हैं। वहीं तुलसी, अदरक और गुड़ वाली चाय इम्युनिटी बढ़ाने में सहायक होती है। उन्होंने बताया कि अत्यधिक दूध और चीनी वाली चाय से परहेज करना चाहिए। खासकर हाई ब्लड प्रेशर और शुगर के मरीजों को।
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