एकबार फिर से बेमौसम बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। सोमवार रात से आसमान में छाए काले बादलों ने मंगलवार सुबह से ही हल्की बूंदाबांदी शुरू कर दी। जो रुक-रुक कर दोपहर तक होती रही। हालांकि दोपहर बाद जब बादल छटें तो किसानों ने थोड़ी राहत की सांस ली। हल्की बूंदाबांदी ने ही खेतों में पककर तैयार खड़े गेहूं की फसल की कटाई को दो-तीन दिन पीछे धकेल दिया, वहीं मंडी में पड़े गेहूं को भी बारिश से नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग की मानें तो 7 मार्च तक इसी तरह का मौसम रहेगा, हालांकि बुधवार के अलावा अन्य दिनों में बारिश की उम्मीद कम है। बारिश के कारण मंगलवार को अधिकतम तापमान में भी 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मंगलवार को अधिकतम तापमान जहां 33.5 डिग्री रहा, वहीं न्यूनतम 19.4 डिग्री दर्ज किया गया। मार्च के अंतिम सप्ताह में तापमान में एकाएक बढ़ोतरी के कारण मौसम विभाग ने पहले ही अप्रैल में बारिश की उम्मीद जताई थी। मौसम विभाग के अनुसार बढ़े तापमान के कारण पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो चुका है। जिसके कारण राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना बन रही है। हालांकि ओले पड़ने का संभावना बहुत कम है, लेकिन अगर तापमान गिरता है तो कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है। मौसम के इस बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसानों का कहना है खेतों में फसल अभी खड़ी है, अगर तेज बारिश हो जाती है तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। कृषि वैज्ञानिकों ने कहा कि इसबार गेहूं की बंपर पैदावार हुई है। अधिक तापमान के कारण फसल समय से पहले पक कर तैयार हो गया है, जिनकी कटाई भी शुरू हो गई। लेकिन यह बारिश फसल को काफी नुकसान पहुंचा सकता है। अभी लाखों एकड़ में फसल खड़ी हैं, कुछ जगहों पर कटाई चल रही है। अगर तेज बारिश हुई तो फसल पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी, वहीं हल्की बारिश से भी फसलों को नुकसान पहुंचेगा। बारिश के बाद गेहूं में नमी बढ़ जाएगी, जिससे गेहूं की कटाई एक दो सप्ताह और पीछे जा सकता है। वहीं किसान भी इस बदलते मौसम में उलझे हुए हैं कि वे फसल की कटाई जारी रखें या मौसम साफ होने के बाद कटाई करें। इससे बचने के लिए कृषि वैज्ञानिक किसानों को कंबाइन से फसल की कटाई जारी रखने का सुझाव दे रहे हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि अगर बारिश के साथ हवा चली तो पूरी फसल खेत में गिर जाएगी, जिसके कारण उसे काटना संभव नहीं होगा।
सात अप्रैल तक रहेगा इसी तरह का मौसम
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण इसी तरह का मौसम सात अप्रैल तक रहेगा। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बुधवार यानी आज बारिश की काफी संभावना है। इसके बाद 6 और 7 अप्रैल को भी कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। लेकिन बारिश की उम्मीद कम है। बारिश के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में भी भारी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को कुछ दिनों तक गर्मी से राहत मिलेगी। इसके बाद पूरे माह मौसम साफ रहने का अनुमान है।
गेहूं में नमी बढ़ने से खरीद होगी प्रभावित
खेतों के अलावा मंडी में गेहूं बेचने पहुंचे किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को हुई हल्की बारिश ने ही मंडी में पहुंचे कई क्विंटल गेहूं को भिगो दिया है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान रजनीश चौधरी ने कहा कि अगर तेज बारिश होती है तो काफी नुकसान होगा। मंडी में गेहूं आने लगा है, मंगलवार को हुई हल्की बारिश से ही यहां रखे गेहूं भीग गए, जिन्हे पॉलीथिन डाल कर ढका गया, उनमें भी नमी हो गई है। अगर गेहूं में नमी 12 फीसदी से अधिक रहा तो एजेंसियां गेहूं की खरीद नहीं करेंगी। इससे किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही खरीद में भी देरी होगी।
24 घंटे में हो सकती है बारिश
पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम तेजी से बदल रहा है, अगले 24 घंटे में कई जगहों पर बूंदाबांदी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि तेज बारिश की कोई उम्मीद नहीं है, इसलिए किसानों को डरने की जरूरत नहीं है।
- डॉ. देवेंद्र बुंदेला, मौसम वैज्ञानिक, सीएसएसआरआई,करनाल
किसान बारिश से डरें नहीं
फसल की कटाई जारी रखें। हो सके तो इस मौसम में कंबाइन से फसल की कटाई करें। अगर वे मौसम साफ होने का इंतजार करते हैं तो हो सकता है कि बारिश के साथ तेज हवा चलने से फसल गिर जाए, इससे उन्हें नुकसान होगा।
- डॉं. प्रदीप मिल, उप कृषि निदेशक, करनाल