संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। चार दिवसीय छठ पर्व के पहले दिन बाजार में रौनक रही। इस दौरान सुबह से महिलाओं की ओर से फल, पूजा सामग्री, कपड़े और शृंगार के सामान की खरीददारी की गई। व्रत के नियमों व पारंपरिक विधि विधान को निभाने के लिए बाजार से पूजा की सामग्री जुटाई गई। श्रद्धालुओं ने 500 से पांच हजार तक की फलों की टोकरी सजवाई जिसमें बीस अधिक प्रकार के फल शामिल रहे।
पुरानी सब्जी मंडी में छठ पर्व के लिए विशेष बाजार लगाया गया है जिसमें पिछले एक हफ्ते से ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। लेकिन नहाय खाय के दिन ग्राहकों की अधिक भीड़ रही जिसमें दुकानदारों का कहना है कि लोग नहाय खाय के दिन सबसे अधिक खरीददारी करते हैं। वहीं पिछले साल के मुकाबले छठ पर्व पर कारोबार अच्छा हो रहा है। ग्राहक महंगे से महंगे दाम में भी छठ के लिए खरीददारी कर रहे हैं।
इसके अलावा बाजार में दाैउरी, जाै, मखाना, खाजा, कच्ची हल्दी और मीठा नींबू जैसे कई फल पूजा में उपयोग करने के लिए खरीदा गया। जिसमें डागरा 110 से150 तक, कुनिया 100 से 150, छेटा 170 से 260, नारियल 30 से 50, संतरा 100 से 120, सेब 80 से 140, अनार 160 से 200, सिंघाडा 70 से 90, कच्ची अदरक 100 से 250, मीठा नींबू 50 से 150, कोछा 150 और कुलम 1200 रुपये किलो रहा।
दुकानदार विवेक ने बताया कि वह हर छठ पर पूजा सामग्री का सामान पुरानी सब्जी मंडी में बेचने के लिए आते हैं। पिछले साल की तुलना में 30 प्रतिशत अच्छा मुनाफा हुआ। पूजा सामग्री में विशेष तौर पर बाजार से बना बनाया खाजा खरीदा जाता है जिसे पहले दिन खूब खरीदा गया।
कपड़ा बाजार का अच्छा रहा कारोबार
नहाय खाय के दिन महिलाएं नई साड़ी पहनकर सोलह शृंगार कर छठ मइया की पूजा करती है जिसमें शनिवार को भी महिलाओं ने नए परिधान खरीदें। दुकानदार राकेश का कहना है कि दीपावली के बाद छठ पर्व होता है जिसमें बड़े स्तर पर परिधानों की खरीददारी की जाती है। इस बार भी कपड़ों अच्छा कारोबार रहा जिसमें पिछले साल के मुकाबले 20 से 30 प्रतिशत अच्छा मुनाफा देखा गया। इस बार महिलाओं ने बनारसी व सिल्क की साड़ियां गुलाबी, लाल और पीले रंग में सबसे अधिक खरीदी है। बनारसी साड़ियां 800 रुपये से शुरू होकर 15 हजार तक की उपलब्ध है जिसमें महिलाओं अपने बजट के हिसाब से साड़ियां खरीदी।