संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। शहर का प्रसिद्ध डॉ. भीमराव आंबेडकर हर्बल पार्क देखरेख के अभाव में बदहाल है। वन विभाग की जमीन पर पूर्व मंत्री कर्णदेव कांबोज की पहल से बनाया गया यह पार्क वर्षों से शहरवासियों के लिए सैर-सपाटे और व्यायाम का केंद्र रहा है। लेकिन अब इसकी देखरेख नहीं हो पा रही है।
पार्क में सैर के लिए बने रास्तों के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। सफाई व्यवस्था चरमरा चुकी है। पार्क में लगे झूले टूटे पड़े हैं। ओपन जिम की अधिकतर मशीनें खराब हो गई हैं।
अमित, रामपाल, विकास, सुनयना, अनीता, सुमन और जाह्नवी ने बताया कि झूलों के टूटे होने से बच्चों के इनके आसपास खेलने से चोट लगने का डर रहता है। पार्क में बंदरों का भी आतंक है। कई बार बंदर लोगों को घायल कर चुके हैं। पार्क में रोशनी की व्यवस्था भी नहीं है। अंधेरा होने पर पार्क में नशा करने वालों का जमावड़ा लग जाता है।
अधिकारियों को प्रस्ताव भेजा
वन विभाग अधिकारी रजत पांचाल का कहना है कि वह पार्क की समस्याओं से परिचित हैं। पार्क का विस्तारीकरण और सोलर लाइट्स लगाने के लिए प्रोजेक्ट रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी गई है। एप्रूवल मिलने पर झूलों की मरम्मत, सफाई और लाइट की समुचित व्यवस्था करवा दी जाएगी।
122.... शहर में सफाई करते नगर निगम कर्मचारी। प्रवक्ता निगम