संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रामलीला भवन में श्री रामायण पाठक सभा के कलाकारों ने अहिल्या उद्धार लीला का मंचन किया। लीला में दिखाया गया कि ऋषि गौतम की पत्नी अहिल्या अत्यंत रूपवती थीं। देवताओं के राजा इंद्र ने छल से उनका पतिव्रत भंग करने का प्रयास किया।
ऋषि गौतम को यह बात ज्ञात हुई तो उन्होंने शाप दिया कि अहिल्या पत्थर के समान जड़ होकर पड़ी रहेंगी। वे केवल तभी शापमुक्त होंगी जब भगवान श्रीराम उनके चरणों का स्पर्श करेंगे। कालांतर में जब भगवान श्रीराम मिथिला जाते हुए गौतम ऋषि के आश्रम पहुंचे, तो उन्होंने अहिल्या पर करुणा दृष्टि डाली और उनके चरण स्पर्श किए। श्रीराम के स्पर्श मात्र से अहिल्या शापमुक्त होकर पुनः अपने दिव्य स्वरूप में प्रकट हुई।
सभा के प्रधान रमेश चंद गुप्ता ने बताया कि 25 सितंबर को सीता स्वयंवर की लीला का मंचन होगा। श्रीराम जी की लीलाओं का मंचन रोजाना रात को 9 बजे शुरू होगा। सभा के चेयरमैन नरेश गुप्ता, महासचिव प्रभात गुप्ता, कोषाध्यक्ष मनोज गोयल, मुख्य निर्देशक रामकिशन गुप्ता और महाप्रबंधक रविंद्र बंसल आदि उपस्थित रहे।