दहेज के लिए प्रताड़ित करने और जबरदस्ती गर्भपात करवाने के मामले में गिरफ्तार करनाल के व्यापारी अनीश गुप्ता के घर शनिवार को पंचकूला पुलिस उसकी पत्नी को लेकर पहुंची। पुलिस दहेज के सामान की निशानदेही कराने को पहुंची थी, लेकिन इस पर व्यापारी पक्ष के लोगों ने इसका विरोध किया। काफी देर तक हंगामे के बाद आखिरकार पीड़ित महिला को साथ लेकर पुलिस अधिकारी घर के अंदर गई। इससे पहले, मीडिया के साथ भी पुलिस ने दुर्व्यवहार किया और कैमरा छीनने की कोशिश की।
बता दें कि पंचकूला थाने में अनीश गुप्ता, अनीश की मां नेहा गुप्ता, उसकी बुआ व कुछ अन्य रिश्तेदारों के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। इस मामले में पंचकूला पुलिस ने आरोपी अनीश को गिरफ्तार कर अदालत से 10 सितंबर तक रिमांड पर ले रखा है। पीड़िता की अनीश से शादी अप्रैल, 2018 में हुई थी। बाद में विवाद हो गया। इस मामले में पंचकूला पुलिस शनिवार को सेक्टर-13 स्थित अनीश के घर 937 पर दहेज में दिए सामान की निशानदेही के लिए पहुंची। जैसे ही पुलिस वहां पहुंची तो घर के अंदर जाने को लेकर लड़की और लड़का पक्ष के बीच विवाद हो गया। विवाद की सूचना के बाद मौके पर पहुंचे मीडिया कर्मियों के साथ भी पंचकूला से पहुंची महिला पुलिस अधिकारी ने बहस की और फोटोग्राफी करने से रोकने की कोशिश की।
मीडिया से भिड़ी पुलिस अधिकारी, कैमरा छीनने की कोशिश
पंचकूला से आई महिला पुलिस अधिकारी पीड़िता को अपने साथ लेकर आई थी। जैसे ही महिला पुलिस और पीड़िता घर के बाहर पहुंचे तो लड़का पक्ष के लोगों ने अंदर ले जाने को लेकर विरोध किया। जब यह हंगामा चल रहा था कि मीडिया कर्मी भी वहां मौके पर पहुंच गए। फोटो लेते समय महिला पुलिस अधिकारी ने दुर्व्यवहार कर कैमरा बंद करने की नसीहत दी। इतना ही नहीं अन्य पुलिस कर्मी ने कैमरा छीनने की कोशिश की और जबरदस्ती कैमरा बंद कराया। इतना ही नहीं आरोपी पक्ष के लोगों ने भी मीडिया कर्मियों से भिड़ने की कोशिश की। मौके पर सेक्टर-13 के चौकी इंचार्ज जितेंद्र समेत अन्य पुलिस बल तैनात रहा। इस पर चौकी इंचार्ज जितेंद्र का कहना है कि पति और पत्नी के विवाद का मामला है। पंचकूला पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।